एक शीर्ष भाजपा नेता ने कहा कि शिवसेना के साथ कोई बातचीत नहीं चल रही है और शुक्रवार को नयी सरकार के शपथ लेने के बाद ही वार्ता होगी। फड़णवीस के कल भाजपा विधायक दल का नेता चुने जाने के बाद दोनों ही दल सुलह की मुद्रा में हैं। शिवसेना प्रवक्ता नीलम गोरे ने उद्धव के निवास ‘मातोश्री’ के बाहर संवाददाताओं से कहा, ‘पार्टी के अंदर चर्चा चल रही है। उद्धवजी (भाजपा की अगुवाई वाले मंत्रिमंडल में शामिल हुआ जाए या नहीं- के विषय पर) अंतिम निर्णय लेंगे। ’ नीलम ने वहां वरिष्ठ नेताओं सुभाष देसाई, अनिल देसाई और विनायक राउत के साथ बैठक में शिरकत की। सुभाष देसाई और अनिल देसाई दिल्ली में भाजपा नेताओं के साथ पर्दे के पीछे चल रही वार्ता में शामिल थे। जब एक शीर्ष केंद्रीय भाजपा नेता से पूछा गया कि क्या शिवसेना के सरकार में शामिल होने के सिलसिले में उसके साथ चर्चा में कोई उपलब्धि हासिल हुई है, उन्होंने कहा कि 31 अक्तूबर को शपथ ग्रहण समारोह हो जाने के बाद ही आगे वार्ता होगी। उन्होंने पहचान उजागर नहीं करने की शर्त पर कहा, ‘ (शिवसेना के साथ) कोई बातचीत नहीं चल रही है। हमारा पूरा ध्यान बस 31 अक्तूबर को भव्य और सफल बनाने पर है। हम उसके बाद ही वार्ता कर पायेंगे। ’ कल दोनों दलों ने सुलह के संकेत दिए थे। शिवसेना प्रवक्ता और सांसद संजय राउत ने कहा, ‘भाजपा और शिवसेना के रक्त समूह एक ही है। ’ उन्होंने मीडिया की इन खबरों का खंडन किया कि शिवसेना दोनों पूर्व भगवा सहयोगियों के बीच एकजुटता के लिए उपमुख्यमंत्री और अहम विभागों की मांग जैसी शर्तों लगा रही है।
Author: JAN TV Editorial Team
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