(HARYANA, India)
अदालत की एक खंडपीठ ने 10 नवम्बर को अवमानना मामले में रामपाल के पेश नहीं होने पर उनकी जमानत रद्द करने के मुद्दे पर स्वत: संज्ञान लिया था । न्यायमूर्ति एम जयपाल और न्यायमूर्ति दर्शन सिंह की पीठ ने बचाव पक्ष, राज्य और अदालत मित्र की दलीलें सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया । रामपाल के खिलाफ 2006 में रोहतक जिले में उनके आश्रम में हुए संघर्ष के बाद हत्या का एक मामला दर्ज किया गया था जिसमें वह जमानत पर हैं । रामपाल पर 2006 की घटना के संबंध में साजिश रचने का आरोप है । स्वयंभू संत उच्च न्यायालय में तीन तारीखों..पांच नवंबर, 10 नवंबर और 17 नवंबर को पेश होने में विफल रहे हैं । उच्च न्यायालय ने अवमानना मामले में उनके पेश नहीं होने पर कल नए सिरे से गैर जमानती वारंट जारी करते हुए उन्हें 21 नवंबर तक अदालत में पेश किए जाने का निर्देश दिया था ।
Author: JAN TV Editorial Team
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