(Bhopalgarh, Jodhpur)
पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने एक बार फिर मौजूदा सरकार के शासन पर सवाल खड़े किये हैं... राजधानी के प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में गहलोत ने मीडिया से बातचीत में सरकार के खिलाफ कई मसलों पर हमला बोला। पूर्व सीएम ने प्रदेश में कानून व्यवस्था को चैपट बताते हुए सीधा गृह मंत्री पर हमला बोला। उन्होंने गृह मंत्री को बढ़ते अपराध के बीच मनोबल बढाने वाला चेम्पियन बताया। गहलोत ने कहा कि अपराधों पर शिकंजा कसने के लिए गृह मंत्री को पुलिस का मनोबल ही नहीं बढ़ाना होगा बल्कि उन्हें सजा भी देनी होगी। गहलोत ने सरकार के एक साल पूरा होने पर जश्न मनाने पर भी सरकार को कटघरे में रखा। उन्होंने सरकार से इस जलसे में हुए खर्चे का ब्योरा आमजन को देने की भी अपील की। पूर्व सीएम ने इस जश्न को पहले कार्यकर्ता सम्मेलन और फिर एन वख्त पहले आमसभा कहलाये जाने पर भी सवाल उठाए। उन्होंने जलसे में हुए खर्च को फिजूलखर्च का तमगा देते हुए भाजपा संगठन के दिवालिया होने पर सवाल भी उठाए। पूर्व मुख्यमंत्री ने गृह मंत्री के उन बयानों पर भी पलटवार किया, जिसमें गृह मंत्री ने तत्कालीन भाजपा शासनकाल में हुए एंकाउन्टरों पर हुई कार्यवाहियों पर गहलोत सरकार की आलोचना की थी.. गहलोत ने सभी आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि सरकार ने सीबीआई से जुड़े किसी भी मामले में कभी हस्तक्षेप नहीं किया.. ऐसे में उन पर आरोप लगाना सही नहीं है।
पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की ओर से प्रदेश में अपराधों में बढ़ोतरी होेने के आरोप पर गृहमंत्री गुलाबचंद कटारिया ने कहा कि अपराधों को संख्या के हिसाब से नहीं आंका जा सकता है। अपराध घटित होने के बाद तुरंत काबू पाना और त्वरित गति से जांच कर न्याय दिलाना प्राथमिकता है। वहीं कटारिया ने कहा कि गहलोत सरकार के कार्यकाल के वक्त आंकड़ों को देखे तो अपराध में तब भी कमीं नहीं आई थी। वहीं गृहमंत्री ने कहा कि मामलों की जांच में बार बार जांच अधिकारी बदलने पर समय लगने से न्याय नहीं मिल पाता ऐसे में इस व्यवस्था में बदलाव लाना होगा।
Author: Shiv Kishor
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