(Digod, Kota)
कोटा में चाइल्ड लाईन और पुलिस की मानव तस्करी यूनिट ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए 14 बाल श्रमिकों को मुक्त कराया है। यह बालश्रमिक दादाबाड़ी इलाके की मैस पर काम करते थे। जहां से इन्हें मुक्त कराया गया। चाइल्ड लाईन के मुताबिक इन बच्चों मैस पर काम करने की एवज में बहुत कम मेहनताना देकर शोषण किया जाता था। फिलहाल मानव तस्करी यूनिट और चाइल्ड लाइन ने बच्चों को बाल कल्याण समिति के समक्ष पेश कर शेल्टर होम भेज दिया है। साथ ही मैस संचालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज करवाया है। हम आपको बता दें कि बाल श्रम प्रतिषेध अधिनियम 1986 के तहत कारखाने में बीड़ी बनाना, जरी, मीनाकारी का काम करवाने और ढाबा-होटल सहित घरेलू काम अगर कोई कराता है तो उसे धारा 14 के अंतर्गत कम से कम 3 माह से लेकर 1 साल की तक की सजा है,,,,साथ ही 10 हजार से लेकर 20 हजार तक का जुर्माना भी अथवा दोनों मुमकिन है।
Author: JAN TV Editorial Team
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