फसल खराबे का जायजा लेने गुरूवार को 10 सदस्यीय अंतर मंत्रालयिक केन्द्रीय दल राज्य के दौरे पर पहुंचा। दल ने राजधानी में मंत्रियों के साथ बैठक कर इस मुद्दे पर चर्चा की। सरकार ने सुझाव दिया कि 33 से 100 प्रतिशत खराबे की अलग-अलग श्रेणी बनाकर भविष्य में मुआवजा दिया जाए। फल सब्जियों में भी मुआवजे में बढोतरी हो। साथ ही किसानों के सरकारी फसली ऋण माफी के लिए नाबार्ड और रिजर्व बैंकों के नियम में छूट का भी सरकार ने आग्रह किया।
Author: JAN TV Editorial Team
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