इधर जहाँ गुर्जर सरकार के खिलाफ तीखे तेवर दिखा रहे हैं वहीं इस मुद्दे पर सरकार अभी तक नरम रुख अपनाये हुए है। सूबे की मुखिया सीएम वसुंधरा राजे और उनके सिपहसालारों के ब्यान से ये साफ जाहिर है की सरकार इस बार 2008 की गलती को दोहराना नहीं चाहती है। यही वजह है की सीएमओ में हुई आपात्कालीन बैठक के बाद शुक्रवार को सरकार का लिखित सन्देश लेकर भरतपुर के एक अधिकारी ने कर्नल बैंसला से रेलवे ट्रैक पर जाकर मुलाकात की है। हांलाकि इस सन्देश को लेकर अभी गुर्जरों की तरफ से कोई कोई आधिकारिक टिप्पणी नही की गई है।
Author: JAN TV Editorial Team
DISCLAIMER: इस वेबसाइट पर दी गई जानकारी केवल सामान्य एवं शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए है। हमने जानकारी को सटीक रखने का प्रयास किया है, लेकिन इसकी पूर्णता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं दी जाती। तृतीय-पक्ष वेबसाइटों या स्रोतों की सामग्री पर हमारा नियंत्रण नहीं है। इस जानकारी के आधार पर लिया गया कोई भी निर्णय आपके अपने विवेक और जोखिम पर होगा।