देश में वित्त वर्ष 2017-18 तक 4जी स्मार्टफोन इस्तेमाल करने वालों की संख्या 35 गुणा बढ़कर 18.3 करोड़ पर पहुंच जाएगी जबकि 4जी नेटवर्क से जुड़े उपभोक्ताओं की संख्या तेजी से बढ़ती हुई 9.1 करोड़ को पार कर जाएगी। बैंक ऑफ अमेरिका मेरिल लिंच की शुक्रवार को जारी रिपोर्ट में कहा गया है कि वर्तमान में देश में 50 लाख लोगों के पास 4जी स्मार्टफोन है और वित्त वर्ष 2017-18 तक 4जी स्मार्टफोन रखने वाले लोगों की संख्या बढ़कर 18.3 करोड़ पर पहुंच जायेगी। इसमें कहा गया है कि अगले कुछ सालों में 3जी और 4जी सेवा के शुल्क में कोई ज्यादा फर्क नहीं होगा। यह देखते हुये कि 3जी की एक एमबीपीएस की औसत स्पीड के मुकाबले 4जी पर 15 एमबीपीएस स्पीड मिलती है, ग्राहक तेजी से 3जी से 4जी नेटवर्क से जुड़ेंगे। वित्त वर्ष 2018-19 तक सालाना 3जी से जुड़ने वाले ग्राहकों की तुलना में 4जी से जुड़ने वालों की संख्या ज्यादा हो जायेगी। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि बड़ी संख्या में 2जी सेवा के ग्राहक 3जी का इस्तेमाल किये बिना सीधे 4जी नेटवर्क से जुड़ जायेंगे। हालांकि, 4जी सेवा से बड़ी टेलीकॉम कंपनियों के प्रति ग्राहक राजस्व में कोई बढ़ोतरी नहीं होगी। ऐसा मुख्य रूप से रिलायंस जियो से मिलने वाली कड़ी प्रतिस्पर्द्धा के कारण होगा। 4जी सेवा प्रदाताओं के बारे में रिपोर्ट में कहा गया है कि अगले पांच वित्त वर्ष तक 4जी में सबसे ज्यादा बाजार हिस्सेदारी रिलायंस जियो की होगी। इसके बाद भारती एयरटेल, आईिडया और वोडाफोन का स्थान होगा। इसमें यह भी बताया गया है कि वित्त वर्ष 2020-21 के दौरान 4जी के ग्राहकों की संख्या 2जी से ज्यादा हो जायेगी। उसी साल पहली बार देश में डाटा ग्राहकों की संख्या गैर डाटा ग्राहकों की संख्या को पार कर कुल ग्राहकों के 52 प्रतिशत पर पहुंच जायेगी।
इस वेबसाइट पर दी गई जानकारी केवल सामान्य एवं शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए है। हमने जानकारी को सटीक रखने का प्रयास किया है, लेकिन इसकी पूर्णता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं दी जाती। तृतीय-पक्ष वेबसाइटों या स्रोतों की सामग्री पर हमारा नियंत्रण नहीं है। इस जानकारी के आधार पर लिया गया कोई भी निर्णय आपके अपने विवेक और जोखिम पर होगा।