पटना में नाव डूबने से 22 लोगों की मौत
(India)
पटना के गंगा दियारा से पतंगोत्सव मना लौट रहे 70 लोगों से भरी एक नाव गंगा में समा गई। इस हादसे के बाद 22 लोगों के शव शनिवार शाम तक गंगा से निकाल लिए गए थे लेकिन 22 लोग लापता थे। रविवार सुबह एनडीआएफ टीम ने शवों को निकालने का अभियान दोबारा से शुरू किया। रविवार सुबह अब तक एनडीआरएफ की टीम ने 5 शव को बाहर निकाले, जिसके बाद मरने वालों की संख्या 27 हो गई है। वहीं प्रधानमंत्री ने इस हादसे में मरने वाले लोगों के लिए मुआवजे का ऐलान किया है। पीएम ने मृतकों के परिजनों को 2 लाख रुपये और गंभीर रूप से घायल लोगों को 50 हजार देने की घोषणा। आपको बता दें कि शनिवार को मकर संक्रांति के शुभ अवसर पर पर्यटन विकास निगम की ओर से गंगा दियारा में पतंगोत्सव की आयोजन किया गया था। जिसमें हजारों की तादाद में लोग पतंगोत्सव देखने गए थे। शनिवार शाम करीब पौने छह बजे प्राइवेट नाव सबलपुर दियारा से एनआईटी घाट के लिए खुली। उस नाव की क्षमता 20 लोगों की थी लेकिन उस नाव में 70 लोग सवार हो गए। नाव करीब 15 से 20 मीटर ही आगे बढ़ी थी कि नाव मोटर अचानक बंद हो गई और नाव डूबने लगी। नाव को डूबता देख उसमें सवार लोगों में अफरातफरी मच गई। कुछ लोगों ने तैरकर अपनी जान बचा ली लेकिन 22 लोग अपनी जान नहीं बचा पाए और करीब 20 लोग अभी भी लापता है। मृतकों में 15 की पहचान हो गई है जबकि सात शवों की शिनाख्त अभी तक नहीं हुई है।

Author: Kamal

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