जानकारी के अनुसार प्रसूता नेहा को उसके परिजन रविवार दोपहर में अस्पताल लेकर आए,जहां चिकित्सकों ने इंजेक्शन लगाने के बाद रात को डिलीवरी कराने की बात कह कर अस्पताल परिसर में घूमने के लिए कह दिया । लेकिन इसी बीच प्रसूता को प्रसव पीड़ा होने लगी तो उसके परिजनों अस्पतालकर्मियों को अवगत कराया,लेकिन उन्होंने इस ओर ध्यान नहीं दिया ।
इस पर परिजन प्रसूता को अस्पताल के लॉन में लेकर आ गए और वहां रखी पत्थर की बड़ी बैंच पर बिठा दिया,लेकिन उसको पीड़ा अधिक होने लगी तो शाम करीब 7 बजे जमीन पर ही सुलाकर अस्पताल में मौजूद महिलाओं एवं प्रसूता के साथ आई उसकी सास ने प्रसव कराया,इस दौरान चारों तरफ से उसके शरीर को साडियों के पर्दे से ढ़क दिया गया ।
इसकी जानकारी मिलते ही अस्पताल में हड़कम्प मच गया,मामला प्रशासनिक अधिकारियाें तक पहुंचा । इसके बाद प्रसूता को अस्पताल के वार्ड में शिफ्ट कराया गया। बहरोड़े के उपखण्ड़ अधिकारी ने अस्पताल जाकर प्रसूता एवं उसके परिजनों से पूरे मामले की जानकारी लेकर लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों के विरूद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए।अस्पताल के अधीक्षक सुरेश यादव ने बताया कि महिला एवं बच्चा दोनों स्वस्थ है ।
Author: JAN TV Editorial Team
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