लिव इन रिलेशनशिप को लेकर राजस्थान में मचा बवाल
(Jaipur, Jaipur) लिव इन रिलेशनशिप को लेकर इन दिनों राजस्थान में बवाल मचा है । राज्य की महिला एवं बाल विकास मंत्री,राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष के बाद अब राज्य मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष भी इस रिश्ते के खिलाफ खुलकर सामने आ गए । उन्होंने इसे सामाजिक आतंकवाद तक बता दिया ।

इधर, राष्ट्रीय महिला आयोग की पूर्व अध्यक्ष एवं कांग्रेस नेता ममता शर्मा का कहना है कि यह रिश्ता समाज के लिए घातक नहीं,बल्कि यहां तो आदिकाल से ही लोग लिव इन रिलेशनशिप में रहते रहे हैं । कांग्रेस की प्रदेश उपाध्यक्ष अर्चना शर्मा का कहना है कि दुनियाभर में इस रिश्ते की स्वीकार्यता बढ रही है,फिर हम कैसे इससे दूर रह सकते है ।

राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष सुमन शर्मा द्वारा लिव इन रिलेशनिशन को अपवित्र बताते हुए इसके खिलाफ अभियान चलाने को लेकर दिए गए बयान से शुरू हुए इस विवाद में अब राज्य मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष प्रकाश टाटिया भी शामिल हो गए ।

झारखंड उच्च न्यायालय में पूर्व मुख्य न्यायाधीश रहे जस्टिस टाटिया ने एक बातचीत में लिव इन रिलेशनशिप सामाजिक आतंकवाद बताते हुए कहा कि जहां भी इस प्रकार के कपल रहते हैं वहां आसपास रहने वाले अन्य लोगों में अपने बच्चों का लेकर भय एवं तनाव पैदा हो जाता है । इन रश्तों को समाज स्वीकार नहीं करता और इसकी पीड़ा सबसे अधिक महिलाओं एवं उनके बच्चों को होती है । राजस्थान विधानसभा की पूर्व अध्यक्ष सुमित्रा िसंह इस तरह के रश्तों के पूरी तरह खिलाफ है,उनका कहना है कि जिस तरह का हमारा समाज है,उसमें लिव इन रिलेशनशिप के रिश्ते स्वीकार्य नहीं है ।

इधर राज्य की महिला एवं बाल विकास मंत्री अनिता भदेल का कहना है कि लिव इन रिलेशनशिप देश की हिन्द संस्कृति को खत्म करने देगी । भारतीय संस्कृति विवाह और परिवार को मानती है,विवाह के बाद पुरूषोंं एव महिलाओं को छोड़ देना यह पश्चिमी देशों में होता है,लेकिन हमारे यहां इस तरह के मामले कमी सामने आते हैं। उन्होंने कहा कि इस तरह के रिश्तों का सबसे अधिक खराब असर महिला एवं उसके बच्चे पर पड़ता है,क्योंकि समाज में उसे सम्मान नहीं मिलता ।

राजस्थान भाजपा की महिला मोर्चा की अध्यक्ष का कहना है कि यह रिश्ता हमारे देश के लिए धातक साबित होगा,इस तरह की पश्चिमी संस्कृति से हमें दूर ही रहना चाहिए। कांग्रेस नेता एवं राज्य की पूर्व महिला एवं बाल विकास मंत्री जकिया इनाम का कहना है कि सर्वोच्च न्यायालय भी इस तरह के रिश्तों से पैदा होने वाले बच्चे को कानूनी मान्यता दे चुका है,दुनियाभर में इस तरह के रिश्तों की तादाद बढ़ रही है,फिर बेवजह विवाद पैदा किया जा रहा है । राज्य महिला कांग्रेस की अध्यक्ष् रेहाना रियाज ने इस मामले में सरकार एवं महिला आयोग पर इस मामले में आरएसएस की नीति पर काम करने का आरोप लगाया ।

उल्लेखनीय है कि राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष समुन शर्मा ने पिछले सप्ताह लिव इन रिलेशनशिप को हिन्दू संस्कृति के खिलाफ बताते हुए इसके खिलाफ अभियान चलाने की बात कही थी । उन्होंने कहा था कि महिलाओं एवं युवतियों को जागरूक करने के लिए अभियान चलाया जाएगा । सुमन शर्मा के बयान के बाद राष्ट्रीय महिला आयोग की पूर्व अध्यक्ष ममता शर्मा एवं कांग्रेस की प्रदेश उपाध्यक्ष इस तरह के रिश्तों के पक्ष में खुलकर सामने आई थी ।

ममता शर्मा का कहना है कि कानून एवं सुप्रीम कोर्ट जिसकी वैधता स्वीकार कर चुका,उसे दकयानूसी सोच के आधार पर नकारना ठीक नहीं है ।

Author: JAN TV Editorial Team

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