राजस्थान के छात्रावासों में राष्ट्रगान गाना अनिवार्य
(Jaipur, Jaipur) राजस्थान सरकार ने प्रदेश के राजकीय और अनुदानित छात्रावासों में राष्ट्रगान गाना अनिवार्य कर दिया है। समाजिक न्यास एवं अधिकारिता मंत्री अरुण चतुर्वेदी ने मंगलवार को बताया कि विद्यर्थियों में राष्ट्रीयता की भावना जागृत करने के लिए छात्रावासों में राष्ट्रगान गाना अनिवार्य किया गया है। इससे छात्रावासों के वार्डन की भी उपस्थिति सुनिश्चित हो सकेगी। उन्होंने कहा कि इसकी शुरूआत 26 नवंबर संविधान दिवस के मौके से हुई।
निर्देश के अनुसार सभी छात्रावासों में सुबह 7 बजे राष्ट्रगान गाना अनिवार्य होगा। सरकार की ओर से जारी एक बयान के अनुसार सभी आवासीय स्कूलों में राष्ट्रगान अनिवार्य होगा। यह परंपरा छात्रावासों में भी अमल में लाई जाएगी। विभाग द्वारा जारी यह निर्देश रविवार से ही प्रभावी हो गया है। विभाग के प्रमुख सचिव समित शर्मा ने बताया कि राष्ट्रगान गाने की यह परंपरा छात्रावासों की दिनचर्या में पहले से शामिल है। राज्य में लगभग 800 छात्रावासों में करीब 40,000 विद्यार्थी रहते हैं। उन्होंने कहा कि छात्रावासों में रहने वाले बच्चे हर सुबह प्रार्थना के लिए तो एकत्र होते हैं। स्टाफ की कमी की वजह से राष्ट्रगान गाने के निर्देश का पालन नहीं हो पा रहा था। यह निर्देश इसलिए जारी किया गया है कि राष्ट्रगान को नियमित तौर पर गाया जाए।
इससे पहले पिछले महीने जयपुर नगर निगम ने कार्य दिवस की शुरुआत पर राष्ट्रगान और शाम को राष्ट्रगीत गाने की शुरुआत की थी। जयपुर के मेयर अशोक लाहोटी ने इसे अनिवार्य कर दिया था।

Author: JAN TV Editorial Team

DISCLAIMER: इस वेबसाइट पर दी गई जानकारी केवल सामान्य एवं शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए है। हमने जानकारी को सटीक रखने का प्रयास किया है, लेकिन इसकी पूर्णता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं दी जाती। तृतीय-पक्ष वेबसाइटों या स्रोतों की सामग्री पर हमारा नियंत्रण नहीं है। इस जानकारी के आधार पर लिया गया कोई भी निर्णय आपके अपने विवेक और जोखिम पर होगा।