राज्य निर्वाचन आयोग से मिली जानकारी के अनुसार अजमेर जिले के नसीराबाद में सर्वाधिक 91.57 और उदयपुर में सबसे कम 57.84 फीसदी लोगों ने अपने मताधिकार का उपयोग किया. इन निकायों में कुल 33 लाख से अधिक मतदाता थे, जिन्हें 7942 उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला करना था. जिन 49 निकायों के लिए वोट डाले गए, उनमें 28 नगर पंचायत, 18 नगर पालिका परिषद और 3 नगर निगम शामिल हैं. वोटों की गिनती 19 नवंबर को होगी.मुख्य निर्वाचन अधिकारी और सचिव श्याम सिंह राजपुरोहित ने कहा कि मतदान के दौरान कहीं से किसी भी अप्रिय घटना की सूचना प्राप्त नहीं हुई है. सुरक्षा के चाक-चौबंद इंतजामात का दावा करते हुए उन्होंने यह भी कहा कि सुरक्षा बलों के जवानों को पूरी रात सतर्क रहने और निगरानी करने के लिए कहा गया है. गौरतलब है कि इन चुनावों के नतीजे राजस्थान की राजनीति के हिसाब से महत्वपूर्ण हो सकते हैं. पिछले महीने 2 विधानसभा सीटों के लिए हुए उपचुनाव में भाजपा को शिकस्त खानी पड़ी थी.
मंडावा विधानसभा सीट से भाजपा का उम्मीदवार 30 हजार से अधिक वोटों से चुनाव हार गया था. वहीं दूसरी सीट खींवसर से भाजपा की सहयोगी राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के उम्मीदवार ने जीत हासिल की थी. बता दें कि चुनाव से ठीक पहले सरकार के एक फैसले पर घमासान मच गया था. उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट ने अपनी ही सरकार की ओर से किए गए बगैर चुनाव लड़े मेयर और चेयरमैन बनने संबंधी प्रावधान का विरोध किया था.
Author: JAN TV Editorial Team
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