इसमें से MSE का 55.2 प्रतिशत यानी कि 1,41,887 करोड़ रुपये का ऑर्डर है। दूसरी तरफ, महिलाओं के स्वामित्व वाले MSE ने 8 प्रतिशत यानी कि 11,373 करोड़ रुपये का ऑर्डर हासिल किया है। इन आंकड़ों के साथ ही सरकारी पोर्टल जीईएम से वस्तुओं और सेवाओं की खरीद चालू वित्त वर्ष में एक लाख करोड़ रुपये को पार कर गई है।GeM के सीईओ पी के सिंह ने कहा कि MSE के लिए सार्वजनिक खरीद नीति में वस्तुओं और सेवाओं की खरीद का 25 प्रतिशत और महिलाओं के स्वामित्व वाले MSE का 3 प्रतिशत अनिवार्य है।
इससे पता चलता है कि हाल के दिनों में छोटे और लघु उद्योगों को पहचान मिल रही है और भारत की अर्थव्यवस्था में इनका योगदान बढ़ रहा है।
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