पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में कंपनी को 2,176.3 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था। हालांकि, इस बार लाभप्रदता पर बढ़ती लागत का प्रतिकूल असर पड़ा।
कंपनी के अनुसार, पहली तिमाही में उसकी कुल आय बढ़कर 25,614.1 करोड़ रुपये हो गई, जो पिछले वर्ष की समान अवधि में 21,542.6 करोड़ रुपये थी। इसके बावजूद परिचालन खर्च में बढ़ोतरी के कारण कंपनी घाटे में चली गई।
इंडिगो के प्रबंध निदेशक राहुल भाटिया ने कहा कि तिमाही के दौरान परिचालन माहौल चुनौतीपूर्ण रहा। ऊंची ईंधन लागत, पश्चिम एशिया में नेटवर्क संबंधी बाधाओं और रुपये की कमजोरी के कारण कंपनी को अतिरिक्त वित्तीय दबाव का सामना करना पड़ा। उन्होंने बताया कि केवल ईंधन लागत और रुपये में गिरावट से कंपनी पर करीब 200 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ पड़ा।
राहुल भाटिया ने कहा कि इन चुनौतियों के बावजूद यात्रियों की मांग मजबूत बनी रही और बेहतर किराए के कारण कंपनी की आय में वृद्धि हुई। पहली तिमाही में इंडिगो ने 3.1 करोड़ से अधिक यात्रियों को अपनी सेवाएं प्रदान कीं। उन्होंने कहा कि कंपनी भविष्य में नेटवर्क विस्तार, ग्राहकों के लिए बेहतर सेवाएं और दीर्घकालिक विकास की रणनीति पर काम जारी रखेगी।
DISCLAIMER: इस वेबसाइट पर दी गई जानकारी केवल सामान्य एवं शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए है। हमने जानकारी को सटीक रखने का प्रयास किया है, लेकिन इसकी पूर्णता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं दी जाती। तृतीय-पक्ष वेबसाइटों या स्रोतों की सामग्री पर हमारा नियंत्रण नहीं है। इस जानकारी के आधार पर लिया गया कोई भी निर्णय आपके अपने विवेक और जोखिम पर होगा।