रिपोर्ट के अनुसार, अडानी सोलर ने पिछले वर्ष की आठवीं रैंक से सुधार करते हुए इस बार टॉप-6 में जगह बनाई है और टॉप-10 में शामिल होने वाली एकमात्र भारतीय कंपनी बनी है। Wood Mackenzie ने कुल 48 वैश्विक सोलर मॉड्यूल निर्माताओं का मूल्यांकन किया, जिसमें क्षमता उपयोग, तकनीकी परिपक्वता, वित्तीय प्रदर्शन, सप्लाई चेन मजबूती और संचालन क्षमता जैसे मानक शामिल थे।
अडानी सोलर को रिपोर्ट में ‘ग्रेड A’ रेटिंग दी गई है, जो इसके मजबूत उत्पादन, तकनीकी क्षमता और वित्तीय स्थिति को दर्शाता है। कंपनी की सप्लाई चेन और संचालन दक्षता को भी उच्च स्तर का बताया गया है।
यह उपलब्धि ऐसे समय में आई है जब भारत घरेलू सोलर मैन्युफैक्चरिंग क्षमता को तेजी से बढ़ा रहा है और आयात पर निर्भरता कम करने की दिशा में काम कर रहा है। उद्योग आंकड़ों के अनुसार, भारत की सोलर मॉड्यूल उत्पादन क्षमता 2014 में 2.5 गीगावॉट से भी कम थी, जो 2026 में बढ़कर 170 गीगावॉट से अधिक हो गई है। वहीं सोलर सेल उत्पादन क्षमता 27 गीगावॉट तक पहुंच चुकी है।
रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि वैश्विक रैंकिंग में शीर्ष छह स्थानों पर चीनी कंपनियों का दबदबा बना हुआ है, जबकि भारत, दक्षिण कोरिया और सिंगापुर की कंपनियां अब तेजी से उभर रही हैं।
अडानी सोलर वर्तमान में गुजरात के मुंद्रा में अपने इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग प्लांट का विस्तार कर 10 गीगावॉट क्षमता तक ले जाने की प्रक्रिया में है। कंपनी पहले से ही इनगॉट, वेफर, सोलर सेल और मॉड्यूल उत्पादन में सक्रिय है।
भारत ने हाल के वर्षों में सौर ऊर्जा क्षेत्र में तेज प्रगति की है और 2025 में अमेरिका को पीछे छोड़ते हुए दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा सोलर ग्रोथ मार्केट बन गया है। देश में अब तक 155 गीगावॉट से अधिक सोलर क्षमता स्थापित की जा चुकी है, जो ऊर्जा संक्रमण के लक्ष्यों को तेजी से पूरा करने में मदद कर रही है।
Author: JAN TV Editorial Team
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