हालांकि, RBI ने अपने बयान में अडाणी ग्रुप का नाम नहीं लिया है । वही सरकारी बैंक SBI ने अडाणी ग्रुप को 21.38 हजार करोड़ रुपए तक लोन देने को लेकर स्पष्ट रूप से कहा है कि उनका जोखिम ‘अनुमत सीमा के भीतर है’ और वे मुनाफे में ही है और बैंकिंग सिस्टम अब भी मजबूत है |
हिंडनबर्ग की रिपोर्ट के बाद अडानी ग्रुप के शेयरों में भारी उतार-चढ़ाव देखते हुए इसी बीच भारतीय रिज़र्व बैंक ने निवेशकों की चिंताओं को दूर करते बैंकिंग सिस्टम पर भरोसा जताया है | प्रेस कॉन्फ्रेंस में अडाणी के FPO वापस लेने के सवाल पर उन्होंने कहा कि FPO आते हैं और बाहर निकल जाते हैं। देश में कई बार FPO वापस लिए गए हैं, और इससे भारत की छवि पर कोई फर्क नहीं पड़ा। उतार-चढ़ाव हर बाजार में होते हैं।
पिछले 2 दिनों में हमारे पास विदेशी मुद्रा भंडार 8 बिलियन डॉलर आया है। यह साबित करता है कि भारत और इसकी ताकत के बारे में धारणा बरकरार है। वही दूसरी और अडाणी ग्रुप के शेयर्स में लगातार गिरावट को देखकर बाजार में उथल-पुथल मची है जिससे निवेशकों का चिंतित होना साफ़ झलकता है |
Digital Desk: Administrator
DISCLAIMER: इस वेबसाइट पर दी गई जानकारी केवल सामान्य एवं शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए है। हमने जानकारी को सटीक रखने का प्रयास किया है, लेकिन इसकी पूर्णता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं दी जाती। तृतीय-पक्ष वेबसाइटों या स्रोतों की सामग्री पर हमारा नियंत्रण नहीं है। इस जानकारी के आधार पर लिया गया कोई भी निर्णय आपके अपने विवेक और जोखिम पर होगा।