पहला आरोप: अडाणी ग्रुप की कंपनियों के शेयर की कीमत उसी सेक्टर में बिजनेस करने वाली दूसरी कंपनियों की तुलना में 85% तक ज्यादा है। दरअसल, शेयर की कीमत उस कंपनी को होने वाले मुनाफे से तय होती है। बाजार अनुमान लगाता है किसी कंपनी को होने वाले मुनाफे के मुकाबले उस कंपनी के शेयर की कीमत कितनी ज्यादा होगी। इसे प्राइज अर्निंग रेश्यो कहते हैं। अडाणी की कंपनियों का प्राइज अर्निंग रेश्यो दूसरी कंपनियों से काफी ज्यादा है।
दूसरा आरोप: अडाणी ग्रुप ने शेयर मार्केट में हेराफेरी करके अपने शेयरों की कीमत बढ़वाई है। अडाणी ने मॉरीशस और दूसरे देश की कंपनियों में पैसे लगाए। उन कंपनियों ने बाद में अडाणी ग्रुप की कंपनी से शेयर खरीदे।
इस तरह विदेशी कंपनी के शेयर खरीदने से अडाणी की कंपनी में लोगों का भरोसा बढ़ता है। इससे शेयर की मांग बढ़ती है और मांग बढ़ते ही शेयर की कीमत भी बढ़ती है।
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