ऊर्जा की खेप पर निगाह रखने वाली वॉर्टेक्सा के आंकड़ों के मुताबिक कच्चे तेल का आयात दिसंबर, 2022 में बढ़कर 10 लाख बैरल प्रतिदिन पर पहुंच गया है| यह लगातार चौथा महीना है जब भारत में कच्चे तेल का आयत 25 % तक बढ़ा है | उद्योग सूत्रों ने बताया कि रूसी तेल के लिए 60 डॉलर प्रति बैरल की सहमति मिली है जबकि भारत को इससे सस्ता तेल मिल रहा है | रिपोर्ट के मुताबिक रूस- यूक्रेन युद्ध से पहले भारत के कच्चे तेल आयात में रूस का हिस्सा 1 प्रतिशत से भी कम था, जो कि अब बढ़कर 1.27 मिलियन बैरल प्रतिदिन हो गया है।
युद्ध के बाद अमेरिका और पश्चिमी देशों की ओर से प्रतिबंध लगाए जाने के कारण रूस को कच्चे तेल की बिक्री में मुश्किलों का सामना पड़ा , जिस कारण रूस अपने कच्चे तेल खरीददारों को डिस्कांउट दे रहा है और यही एक वजह है की रूस अपने कच्चे तेल का निर्यात भारत, चीन, और एशियाई देशों को हो रहा है। दूसरी और देखा जाए तो रूस के अलावा भारत के कच्चा तेल आपूर्ती करने के मामले में इराक, सऊदी अरब, अमेरिका, UAE और अफ्रीकी देशों का नंबर आता है।
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