पाकिस्तान पर कर्ज का कहर अब भी बरक़रार , IMF से गुहार के बाद भी नहीं मिली कोई राहत
(International) राजधानी इस्लामाबाद में पाकिस्‍तानी वित्‍त मंत्री इशाक डार और उनके अधिकारियों ने गुरुवार को अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष यानि IMF से अपने इकोनॉमी को बचने और क़र्ज़ से राहत के लिए गुहार लगाई जो की 10 दिन की मीटिंग में बातचीत के दौरान कही गयी | रिपोर्ट के मुताबिक 31 जनवरी 2023 को नाथन पोर्टर के नेतृत्व में IMF की एक टीम पाकिस्तान से वहां की स्थिति का मुआवजा लेने और पकिस्तान की बात को सुनने के लिए भेजा गया था जो की पाकिस्तान की बैठक के दौरान हुई | इस बैठक में पाकिस्तान बेलआउट पैकेज के तहत IMF से कर्ज की मांग कर रहा था। दरअसल, 2019 में इमरान खान की सरकार के रहते IMF ने पाकिस्तान को बेलआउट पैकेज के तहत 6 बिलियन डॉलर से ज्यादा की मदद देने का वादा किया था। अब इसी वादे के तहत पाकिस्तान IMF से 1.1 बिलियन डॉलर की एक और किश्त मांग रहा है। हालांकि, नतीज़न लगातार 10 दिन तक चली मीटिंग के बाद IMF की टीम बिना कर्ज दिए ही वापस लौट गई है। अपने 100 अरब से ज़्यादा के क़र्ज़ के लिए पाकिस्तान अब बेहाल नज़र आ रहा है | वहीं दूसरी और पाकिस्तान के वित्‍त मंत्री इशाक डार ने शुक्रवार को कहा कि सरकार को 7 अरब डॉलर के लोन प्रोग्राम की नौवीं समीक्षा के पूरा होने से संबंधित इंटरनेशनल मॉनिटरी फंड (IMF) से आर्थिक और वित्तीय नीतियों का ज्ञापन (MEFP) प्राप्त हुआ था, जो दर्शाता है कि एक स्‍टाफ-लेवल एग्रीमेंट अब भी लंबित है | उन्‍होंने उम्‍मीद जताई कि इस एग्रीमेंट से उनकी दिक्‍कतें दूर हो सकती हैं | यानी उन्‍हें अब भी यह लगता है कि पाकिस्‍तान को लोन मिल जाएगा |

Author: JAN TV Editorial Team

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