(NewDelhi, NewDelhi)
जी हां , अर्थव्यवस्था की दुनिया में डॉलर के मुकाबले दूसरी कर्रेंसीस ने भी अपनी साख जमाई है जिसमे भारतीय रुपये ने भी ग्लोबल मार्केट में स्वयं को मजबूती प्रदान की है | दुनिया के कई देशों ने इंटरनेशनल ट्रेड के लिए रुपए को इस्तेमाल करने में दिलचस्पी ली है और इसके सेटलमेंट के प्रोसेस को आसान बनाने की मांग की है | वहीदूसरी और अर्थव्यवस्था में रूपए की बढती मांग से डॉलर की चमक फीकी नज़र आ रहीं है | केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री ने बताया कि इंटरनेशनल ट्रेड में डॉलर की जगह रुपए को बढ़ावा देने के मामले में रूस सबसे आगे है |वही रूस के साथ ही साथ सिंगापुर, श्रीलंका, फ़िजी, इसराइल, केन्या, मलेशिया, मॉरीशस, न्यूजीलैंड, ओमान और ब्रिटेन जैसे देश भी शामिल हैं | ग्लोबल ट्रेड में रुपया की मांग को देखते हुए भारतीय रिजर्व बैंक ने 60 स्पेशल रूपी वोस्ट्रो अकाउंट बनाने की मंजूरी दे दी है जिससे रूस और श्रीलंका जैसे देशों से रुपए में इंटरनेशनल ट्रेड हो सकेगा | भारतीय रुपया की मजबूती को देखते हुए कहा जा सकता है की जल्द ही भारतीय रुपए को इंटरनेशनल करेंसी का दर्जा मिल सकता है |
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