रेपो रेट वह दर होती है जिस पर बैंक RBI से कर्ज लेते हैं। जब यह दर घटती है, तो बैंकों को सस्ते में फंड मिलता है और वे भी ग्राहकों को कम ब्याज पर लोन देने लगते हैं। इससे उन लोगों को सबसे ज़्यादा फायदा होगा जो पहले से लोन चुका रहे हैं या नया लोन लेने की योजना बना रहे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम महंगाई को काबू में रखने और बाजार में मांग को बढ़ावा देने के लिए उठाया गया है। मध्यम वर्गीय परिवार, जो हर महीने EMI की चिंता में रहते हैं, उनके लिए यह खबर बड़ी राहत लेकर आई है। हो सकता है कि आने वाले दिनों में बैंकों की तरफ से ब्याज दरों में कटौती की घोषणाएं देखने को मिलें।
RBI का यह निर्णय आर्थिक गतिविधियों को रफ्तार देने और निवेश का माहौल मजबूत करने की दिशा में एक सकारात्मक कदम माना जा रहा है। अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि बैंक इस बदलाव का असर अपने ग्राहकों तक कितनी जल्दी पहुंचाते हैं।
Author: JAN TV Editorial Team
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