(India)
संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) ने गोल्डन वीजा योजना शुरू की है, जिसके तहत निवेशकों, पेशेवरों, वैज्ञानिकों, डॉक्टरों, खिलाड़ियों और होनहार छात्रों को बिना किसी प्रायोजक के 5 या 10 साल तक रहने की अनुमति मिलेगी। वीजा धारक अपने परिवार को भी साथ रख सकते हैं और यूएई से 6 महीने से अधिक बाहर रह सकते हैं। यदि वीजा धारक की मृत्यु हो जाए, तो परिवार को देश में रहने की अनुमति बनी रहती है। इस योजना के लिए कम से कम 2 मिलियन दिरहम (करीब ₹4.67 करोड़) का निवेश, या उतनी ही मूल्य की अचल संपत्ति जरूरी है। साथ ही, टैक्स भुगतान का प्रमाण भी देना होगा। भारतीयों के लिए यह योजना खास फायदेमंद है, क्योंकि यूएई में 3.5 मिलियन भारतीय पहले से रहते हैं। भारत-यूएई के बीच 2022 में हुए व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते के बाद यह एक और मजबूत कदम है। यह पहल यूएई की तेल पर निर्भरता घटाकर वैश्विक प्रतिभाओं को आकर्षित करने की दिशा में बड़ा बदलाव है। गोल्डन वीजा अब उन लोगों के लिए रास्ता खोलता है जो स्थायित्व के साथ खाड़ी देशों में भविष्य बनाना चाहते हैं।
Author: JAN TV Editorial Team
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