भारत-ब्रिटेन FTA: आर्थिक साझेदारी से खुले नए व्यापारिक द्वार
(India) भारत और ब्रिटेन ने एक ऐतिहासिक द्विपक्षीय मुक्त व्यापार समझौते (FTA) पर हस्ताक्षर किए हैं, जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ब्रिटेन यात्रा के दौरान संपन्न हुआ, जिसमें ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर भी शामिल थे। यह समझौता तीन वर्षों की व्यापक बातचीत और प्रयासों के बाद पूरा हुआ है। उद्योग जगत में इसे लेकर उत्साह है, विशेष रूप से वेदांता समूह के अध्यक्ष अनिल अग्रवाल ने इसे ऐतिहासिक करार देते हुए कहा कि इससे भारत और ब्रिटेन के बीच व्यापार में कम से कम 20 अरब डॉलर की वृद्धि होगी और दोनों देशों में रोजगार और उद्यमिता के नए अवसर बनेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि पिछले दो दशकों में भारत-ब्रिटेन आर्थिक संबंधों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, और यह समझौता व्यापार, निवेश और लोगों के बीच संबंधों को और मजबूत करेगा। FTA के तहत सौंदर्य प्रसाधन, कपड़े, कारें और व्हिस्की जैसे कई उत्पादों पर शुल्क में कटौती की जाएगी, जिससे व्यवसायों को अधिक बाज़ार तक पहुंच मिलेगी। यह समझौता ब्रेक्सिट के बाद ब्रिटेन का सबसे बड़ा व्यापारिक करार है और भारत का किसी यूरोपीय अर्थव्यवस्था के साथ पहला समझौता है, जिसका उद्देश्य दोनों देशों के आर्थिक सहयोग को नई दिशा देना है।

Author: JAN TV Editorial Team

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