महंगाई और अंतरराष्ट्रीय दबाव के बीच मौद्रिक नीति पर आरबीआई का निर्णय आज
(India) भारतीय रिज़र्व बैंक के गवर्नर संजय मल्होत्रा बुधवार, 7 अगस्त को वित्त वर्ष 2025-26 की तीसरी द्विमासिक मौद्रिक नीति का एलान करेंगे। यह घोषणा सुबह 10 बजे की जाएगी। मौद्रिक नीति समिति (MPC) की यह बैठक सोमवार से शुरू हुई थी, जो तीन दिनों तक चली।
बीते तीन मौकों पर आरबीआई ने कुल मिलाकर 100 आधार अंकों की कटौती की थी, जिसके बाद इस बार अधिकांश विशेषज्ञ रेपो दर को 5.50% पर स्थिर रखने की उम्मीद जता रहे हैं।
वित्तीय सेवाओं पर निगरानी रखने वाले विशेषज्ञ विवेक अय्यर का कहना है कि वैश्विक माहौल अभी भी अस्थिर है और पूर्व की कटौतियों का असर पूरी तरह सामने आना अभी बाकी है। उनके अनुसार, इस बार समिति किसी तरह की कटौती से बच सकती है।
इसी दिशा में रियल एस्टेट सेक्टर के विश्लेषक और REA इंडिया (हाउसिंग डॉट कॉम) के CEO प्रवीण शर्मा ने कहा है कि बीते महीनों की नीतिगत ढील के बाद, ब्याज दरों में स्थिरता इस बार एक तार्किक कदम हो सकता है। उनका कहना है कि घरों के खरीदार अब अल्पकालिक दरों से ज़्यादा, दीर्घकालिक स्थिरता और आत्मविश्वास पर ध्यान दे रहे हैं।
इसके अलावा, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा 7 अगस्त से भारतीय वस्तुओं पर 25% टैरिफ लगाने के ऐलान ने भी आरबीआई के लिए निर्णय को और संवेदनशील बना दिया है। विशेषज्ञ मानते हैं कि आरबीआई इस नए विकासक्रम को समझने के लिए अधिक व्यापक आर्थिक आंकड़ों का इंतज़ार कर सकता है।
गवर्नर मल्होत्रा की अध्यक्षता वाली 6 सदस्यीय मौद्रिक नीति समिति (MPC) में आरबीआई के तीन अधिकारी शामिल हैं –

>संजय मल्होत्रा (गवर्नर)
>पूनम गुप्ता (डिप्टी गवर्नर)
>राजीव रंजन (कार्यकारी निदेशक)
->साथ ही तीन बाहरी सदस्य भी हैं:
>नागेश कुमार (नई दिल्ली स्थित औद्योगिक विकास अध्ययन संस्थान के निदेशक)
>सौगत भट्टाचार्य (अर्थशास्त्री)
>राम सिंह (निदेशक, दिल्ली स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स)
सरकार ने आरबीआई को यह लक्ष्य दिया है कि उपभोक्ता मूल्य सूचकांक आधारित खुदरा महंगाई दर 4% के आसपास (±2%) रखी जाए। फरवरी, अप्रैल और जून में रेपो रेट में क्रमशः 25, 25 और 50 आधार अंकों की कटौती की जा चुकी है। खुदरा महंगाई फरवरी से 4% से नीचे बनी हुई है, लेकिन अभी भी आरबीआई किसी नए फैसले से पहले स्थिति की और समीक्षा कर सकता है।

Author: JAN TV Editorial Team

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