इस फैसले का सबसे गहरा असर भारत के ज्वेलरी, कपड़ा (टेक्सटाइल), चमड़ा और इंजीनियरिंग सामान जैसे क्षेत्रों पर पड़ने की आशंका है, क्योंकि ये उद्योग अमेरिका पर भारी निर्भरता रखते हैं।
> निर्यात घटने का खतरा
विशेषज्ञों के मुताबिक, इस टैरिफ के चलते इन सेक्टरों से अमेरिका को होने वाला निर्यात 30% से 50% तक घट सकता है। अमेरिका भारत के सबसे बड़े निर्यात बाजारों में से एक है, जहां भारत कुल निर्यात का लगभग 17% भेजता है।
> ट्रंप की टैरिफ नीति का प्रभाव
डोनाल्ड ट्रंप का यह कदम "अमेरिका फर्स्ट" एजेंडे के तहत लिया गया है, जिसका मकसद घरेलू उद्योगों को सशक्त बनाना है। लेकिन इसके असर से भारतीय निर्यातक कंपनियों की लागत बढ़ेगी और अमेरिकी बाजार में उनकी प्रतिस्पर्धा घटेगी।
> उद्योग जगत की चिंता
टेक्सटाइल एक्सपोर्टर्स का कहना है कि पहले से ही वैश्विक मांग कमजोर है और अब टैरिफ बढ़ने से अमेरिकी ऑर्डर कम हो सकते हैं। ज्वेलरी उद्योग भी चिंतित है क्योंकि अमेरिका इस सेक्टर का सबसे बड़ा खरीदार है।
>सरकार की प्रतिक्रिया का इंतजार
भारत सरकार ने इस फैसले पर चिंता जताई है और जल्द ही वाणिज्य मंत्रालय की ओर से प्रतिक्रिया आने की संभावना है। उद्योग संगठन सरकार से अमेरिकी प्रशासन से बातचीत कर टैरिफ को कम कराने की मांग कर रहे हैं।
Author: JAN TV Editorial Team
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