इस बार केंद्रीय जीएसटी (CGST), राज्य जीएसटी (SGST) और एकीकृत जीएसटी (IGST) में वृद्धि देखी गई है, जबकि उपकर (Cess) के संग्रह में मामूली गिरावट दर्ज की गई।
सरकारी रिपोर्ट बताती है कि वित्त वर्ष 2025-26 के शुरुआती सात महीनों (अप्रैल से अक्तूबर) में कुल जीएसटी वसूली में 9% की बढ़ोतरी हुई है। यह 2017 में जीएसटी लागू होने के बाद का सबसे अच्छा प्रदर्शन माना जा रहा है।
वित्त वर्ष 2024-25 में कुल 22.08 लाख करोड़ रुपये का रिकॉर्ड जीएसटी संग्रह हुआ, जो पिछले साल की तुलना में 9.4% ज्यादा है। औसतन हर महीने लगभग 1.84 लाख करोड़ रुपये का टैक्स राजस्व जुटाया गया, जो अब तक का सर्वोच्च मासिक औसत है।
आर्थिक विशेषज्ञों का मानना है कि जीएसटी कलेक्शन में यह स्थिर बढ़ोतरी भारत में बढ़ती व्यापारिक गतिविधियों और टैक्स अनुपालन में सुधार का नतीजा है। इससे न केवल सरकारी राजस्व में मजबूती आई है, बल्कि देश की अर्थव्यवस्था की गति भी स्पष्ट रूप से बढ़ी है।
जीएसटी नीति को दिशा देने वाली जीएसटी परिषद ने अब तक 55 बैठकें की हैं और टैक्स प्रणाली को आसान व पारदर्शी बनाने के लिए कई अहम निर्णय लिए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि निरंतर सुधार और डिजिटल निगरानी से आने वाले महीनों में राजस्व में और वृद्धि की उम्मीद है।
Author: JAN TV Editorial Team
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