लेट रिटर्न भरने पर कुछ टैक्स लाभ उपलब्ध नहीं रहते और यदि कोई बकाया टैक्स है तो उस पर ब्याज भी देना पड़ता है। विशेषज्ञों के मुताबिक, 31 दिसंबर की डेडलाइन मिस होने पर आयकर विभाग करदाता को वित्तीय गतिविधियों के आधार पर नोटिस भेज सकता है, जिससे परेशानी बढ़ सकती है।
इसलिए सलाह दी जाती है कि करदाता समय रहते ITR फाइल कर लें, ताकि अनावश्यक पेनल्टी और नोटिस से बचा जा सके।
Author: JAN TV Editorial Team
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