इटरनल के मुताबिक, उसे 6 जनवरी 2026 को यह आदेश प्राप्त हुआ, जिसमें लगभग 1.92 करोड़ रुपये के कथित GST बकाया की पुष्टि की गई है। इसके अलावा ब्याज के रूप में करीब 1.58 करोड़ रुपये और जुर्माने के तौर पर लगभग 19.24 लाख रुपये शामिल हैं। यह मांग आउटपुट टैक्स के कम भुगतान से जुड़ी बताई जा रही है।
कंपनी ने अपने बयान में कहा है कि तथ्यों और कानूनी प्रावधानों के आधार पर उसका पक्ष मजबूत है। इटरनल ने साफ किया है कि वह इस GST मांग आदेश को चुनौती देते हुए संबंधित प्राधिकरण के समक्ष अपील दायर करेगी और अपने हितों की रक्षा के लिए सभी कानूनी विकल्प अपनाएगी।
Author: JAN TV Editorial Team
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