2029 में बन रहा दुर्लभ ग्रह योग, क्या दुनिया फिर देखेगी उथल-पुथल?
(India) ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार वर्ष 2029 ग्रहणों और प्रमुख ग्रह गोचर के लिहाज से अत्यंत प्रभावशाली माना जा रहा है। इस वर्ष कुल छह ग्रहण (चार सूर्य और दो चंद्र) पड़ने की संभावना जताई जा रही है, जिससे वैश्विक स्तर पर हलचल की अटकलें लगाई जा रही हैं। इससे पहले 2020 में भी छह ग्रहणों और शनि-गुरु की महत्वपूर्ण युति ने दुनिया भर में बड़े बदलावों का दौर देखा था। हालांकि खगोलशास्त्र और विज्ञान की दृष्टि से ग्रहों की चाल सीधे सामाजिक या राजनीतिक घटनाओं का कारण नहीं मानी जाती, लेकिन ज्योतिष शास्त्र में इन्हें संकेतक के रूप में देखा जाता है।
विशेषज्ञों के अनुसार 2029 में शनि का मेष राशि में गोचर, गुरु का तुला में प्रवेश और राहु-केतु की धुरी धनु-मिथुन में रहने से अनुशासन, सत्ता, वैचारिक संघर्ष और आर्थिक उतार-चढ़ाव जैसे विषय प्रमुख रह सकते हैं। ज्योतिष मान्यताओं में शनि को कर्म और अनुशासन का कारक माना जाता है, जबकि गुरु संतुलन और विस्तार का प्रतीक हैं। ऐसे में कई ज्योतिषी इसे वैश्विक नीतियों, व्यापारिक समझौतों और कूटनीतिक समीकरणों में बदलाव का संकेत मान रहे हैं।
हालांकि यह स्पष्ट करना जरूरी है कि ये सभी आकलन पारंपरिक ज्योतिषीय व्याख्याओं पर आधारित हैं। किसी भी वैश्विक संकट, महामारी या युद्ध की भविष्यवाणी को वैज्ञानिक पुष्टि प्राप्त नहीं है। विशेषज्ञों का मानना है कि भविष्य की दिशा मानव निर्णयों, नीतियों, तकनीकी प्रगति और अंतरराष्ट्रीय सहयोग पर अधिक निर्भर करती है, न कि केवल ग्रहों की स्थिति पर।

Author: JAN TV Editorial Team

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