सदी के महानायक अमिताभ बच्चन अपने सोशल मीडिया पोस्ट्स और उनके साथ जुड़े नंबरों (जैसे T 5720) के लिए हमेशा चर्चा में रहते हैं। हाल ही में उन्होंने एक्स (ट्विटर) पर एक छोटा सा मुहावरा लिखा— 'क्या पिद्दी, क्या पिद्दी का शोरबा'। इस पोस्ट ने नेटिजन्स को सोच में डाल दिया और लोग इसके राजनीतिक या व्यक्तिगत मायने निकालने लगे। यूजर्स की बढ़ती उत्सुकता और उलझन को देखते हुए अमिताभ बच्चन ने अपने ब्लॉग के जरिए स्पष्ट किया कि यह केवल एक तुकबंदी थी जिसे उन्होंने मजाकिया अंदाज में साझा किया था। उन्होंने स्वीकार किया कि तुक मिलाने के लिए उन्होंने असल वाक्य में थोड़ी 'तोड़-फोड़' भी की थी।
> और शरीर की महत्ता पर बिग बी के विचार
अपने ब्लॉग में अमिताभ बच्चन ने न केवल इस मुहावरे का अर्थ समझाया, बल्कि जीवन के प्रति अपने दृष्टिकोण को भी साझा किया। उन्होंने लिखा कि "काम ही जीवन का सार है" और हर व्यक्ति को आगे बढ़ने के लिए निरंतर सक्रिय रहना चाहिए। 80 की उम्र पार कर चुके अभिनेता ने स्वास्थ्य और शरीर पर काम करने को सबसे महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने रचनात्मक सोच के लिए सुबह के समय को सर्वश्रेष्ठ बताते हुए अपने आगामी प्रोजेक्ट्स और यात्राओं का भी जिक्र किया। बिग बी ने ईश्वर की रचना यानी मानव शरीर की जटिलता पर भी आश्चर्य जताया और प्रशंसकों को निरंतर काम करते रहने की प्रेरणा दी।
Author: JAN TV Editorial Team
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