राम मंदिर परिसर में मिली 65 वर्षीय महिला को मिला सहारा, वन स्टॉप सेंटर ने परिवार से मिलाया
(UTTARPRADESH, UTTARPRADESH) अयोध्या में घरेलू हिंसा और पारिवारिक उपेक्षा से जूझ रही 65 वर्षीय महिला को सखी वन स्टॉप सेंटर की मदद से परिवार से दोबारा मिलाया गया। महिला को राम मंदिर परिसर में असहाय अवस्था में पाया गया था। सूचना मिलने पर 181 महिला हेल्पलाइन के जरिए वन स्टॉप सेंटर की टीम ने उन्हें सुरक्षित संरक्षण दिया। काउंसलिंग और परिजनों से लगातार संवाद के बाद महिला की इच्छा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उन्हें सम्मानपूर्वक परिवार के साथ भेज दिया गया।

वन स्टॉप सेंटर के अनुसार, कमलावती (काल्पनिक नाम) लंबे समय से पारिवारिक उपेक्षा, मानसिक उत्पीड़न और घरेलू हिंसा का सामना कर रही थीं। पारिवारिक परिस्थितियां बिगड़ने पर उनके पति ने उन्हें घर से बाहर कर दिया था। इसके बाद वह राम मंदिर परिसर में बैठी मिलीं। 13 मार्च को 181 महिला हेल्पलाइन पर सूचना मिलने के बाद वन स्टॉप सेंटर की टीम मौके पर पहुंची और महिला को सुरक्षित स्थान पर ले गई।

सखी वन स्टॉप सेंटर में महिला की काउंसलिंग की गई। टीम ने उनकी समस्याएं सुनीं और उनकी भावनात्मक स्थिति को समझते हुए आत्मविश्वास तथा आत्मसम्मान बढ़ाने पर ध्यान दिया। महिला को उनके अधिकारों और उपलब्ध कानूनी विकल्पों की जानकारी भी दी गई। जरूरत के अनुसार अस्थायी आश्रय और सुरक्षा की व्यवस्था की गई, ताकि वह सुरक्षित माहौल में आगे के बारे में निर्णय ले सकें।

महिला को परिवार से दोबारा जोड़ने के लिए स्थानीय थाना, ग्राम प्रधान और परिजनों से संपर्क किया गया। इसके बाद उनके पति, पुत्र और बहू की फैमिली काउंसलिंग कराई गई। लगातार बातचीत और समझाइश के बाद परिजनों ने महिला को अपने साथ रखने पर सहमति जताई। इसके बाद उनकी इच्छा और सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए उन्हें परिवार के साथ भेज दिया गया।

जिला प्रोबेशन अधिकारी जय पाल वर्मा ने बताया कि महिला अब संतोषजनक और सुरक्षित वातावरण में जीवन व्यतीत कर रही हैं। इस प्रकरण में 181 महिला हेल्पलाइन, सखी वन स्टॉप सेंटर, पुलिस, ग्राम प्रधान और परिवार के सदस्यों के बीच समन्वय की महत्वपूर्ण भूमिका रही। समय पर सूचना मिलने और संबंधित टीमों की कार्रवाई से महिला को संरक्षण उपलब्ध कराया गया तथा परिवार के साथ संवाद बहाल करने का प्रयास सफल हुआ।

महिला सुरक्षा से जुड़ी इस पहल में तत्काल सहायता के साथ-साथ महिला को सम्मानजनक वातावरण उपलब्ध कराने और पारिवारिक संवाद बहाल करने पर जोर दिया गया। काउंसलिंग और समन्वित प्रयासों के जरिए महिला की घर वापसी का रास्ता तैयार किया गया।

Author: JAN TV Editorial Team

DISCLAIMER: इस वेबसाइट पर दी गई जानकारी केवल सामान्य एवं शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए है। हमने जानकारी को सटीक रखने का प्रयास किया है, लेकिन इसकी पूर्णता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं दी जाती। तृतीय-पक्ष वेबसाइटों या स्रोतों की सामग्री पर हमारा नियंत्रण नहीं है। इस जानकारी के आधार पर लिया गया कोई भी निर्णय आपके अपने विवेक और जोखिम पर होगा।