मुख्यमंत्री रविवार को रामघाट हाल्ट के निकट निषाद बस्ती में आयोजित दीपावली मिलन समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने निषाद समाज, नाविकों, माझियों, सफाईकर्मियों और स्वच्छता के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले पार्षदों एवं कर्मियों को सम्मानित किया और दीपावली का उपहार दिया।
दीपोत्सव के बाद घाटों की स्वच्छता की सराहना
मुख्यमंत्री ने दीपोत्सव के सफल आयोजन के लिए सफाईकर्मियों और स्थानीय लोगों का आभार जताया। उन्होंने कहा कि दीपोत्सव के दौरान लाखों श्रद्धालु अयोध्या पहुंचे और 30 लाख से अधिक दीप प्रज्ज्वलित हुए। देर रात तक भीड़ रहने के बावजूद सुबह सभी घाट स्वच्छ और सुंदर दिखाई दिए। कहीं गंदगी या अव्यवस्था नहीं थी।
सीएम योगी ने कहा कि इतनी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आने के बाद भी अयोध्या की स्वच्छता और व्यवस्था बनाए रखना सराहनीय है। उन्होंने सफाईकर्मियों के योगदान की प्रशंसा करते हुए उनका अभिनंदन किया।
सरयू आरती के दौरान मुस्तैद रहे नाविक और माझी
मुख्यमंत्री ने नाविकों, माझियों और निषाद समाज के योगदान की सराहना की। उन्होंने कहा कि सरयू आरती के दौरान नाविकों ने पूरी मुस्तैदी से अपनी जिम्मेदारी निभाई। अयोध्या में शनिवार-रविवार, अमावस्या, पूर्णिमा और अन्य पर्वों पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। मां सरयू में स्नान और दर्शन के लिए आने वाले लोगों की सुविधा और सुरक्षा में नाविकों तथा माझियों की भूमिका महत्वपूर्ण है।
उन्होंने कहा कि अयोध्या की इस विरासत को आगे बढ़ाने में निषाद समाज का योगदान अभिनंदनीय है। इसी योगदान के लिए वह सभी का आभार व्यक्त करने पहुंचे हैं।
निषादराज और माता शबरी के योगदान का किया उल्लेख
मुख्यमंत्री ने भगवान श्रीराम की कथा का उल्लेख करते हुए कहा कि निषादराज, माता शबरी, वानर और भालुओं के सहयोग से भगवान श्रीराम ने राक्षसी शक्तियों के खिलाफ मोर्चाबंदी की थी। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम के जीवन से समाज के अलग-अलग वर्गों के सहयोग और एकजुटता का संदेश मिलता है।
सीएम योगी ने कहा कि दीपावली, होली, रक्षाबंधन, विजयादशमी और रामनवमी जैसे पर्व हमारी परंपराओं और पूर्वजों की स्मृतियों को जीवंत रखते हैं।
नई अयोध्या के निर्माण में हर वर्ग का योगदान
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज अयोध्या का जो नया स्वरूप दिखाई दे रहा है, उसमें हर वर्ग और हर नागरिक का योगदान है। सरकार निर्माण कार्य करा सकती है, लेकिन सार्वजनिक संपत्ति और विकास की विरासत को सुरक्षित रखने की जिम्मेदारी स्थानीय लोगों की भी है।
उन्होंने कहा कि विकास कार्यों के साथ उनका संरक्षण भी जरूरी है। यदि लोग सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाएंगे तो विकास के प्रयास प्रभावित होंगे। आने वाली पीढ़ियां नई अयोध्या के निर्माण में योगदान देने वाले लोगों को याद करेंगी।
अयोध्या की विरासत पर किसी की कुदृष्टि न पड़े: सीएम
मुख्यमंत्री ने लोगों से संकल्प लेने की अपील की कि आने वाले समय में अयोध्या के वैभव और प्रतिष्ठा पर किसी मंथरा या मारीच की कुदृष्टि न पड़े। उन्होंने कहा कि अयोध्या को फिर से बदनाम करने या उसके वैभव को नुकसान पहुंचाने की कोशिश नहीं होनी चाहिए। सभी को मिलकर इसे स्वच्छ, सुंदर, सुव्यवस्थित और मर्यादित बनाए रखना है।
उन्होंने कहा कि जब लोग बाहर जाकर गर्व से बताते हैं कि वे अयोध्या से आए हैं, तो शहर की स्वच्छता और व्यवस्था भी उस पहचान को मजबूत करती है।
सफाईकर्मियों, नाविकों और पार्षदों को किया सम्मानित
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने स्वच्छता के क्षेत्र में उत्कृष्ट सेवाएं देने वाले सफाईकर्मियों और उनके बच्चों को सम्मानित किया। इनमें अवधेश निषाद, सूरज निषाद, चंदा निषाद, कौशल्या निषाद, रेनू निषाद, काजल निषाद, आराध्या, माधवी गौतम, अंश, ज्योति, सुनीता, बब्बन, संदीप और अरुण शामिल रहे।
स्वच्छता के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले पार्षदों में पाटेश्वरी नगर वार्ड की कुंती पांडेय, चित्रगुप्त नगर वार्ड की मनीषा यादव, लाला लाजपत नगर वार्ड के रामतीर्थ, कल्याण सिंह वार्ड के सूर्य कुमार तिवारी और झूलेलाल नगर वार्ड के अभिनव पांडेय को सम्मानित किया गया।
मां सरयू की स्वच्छता में योगदान देने वाले गोताखोरों सतीश माझी, ब्रजेश माझी, जग्गू माझी, बाबू निषाद और अभिषेक निषाद को भी सम्मान प्रदान किया गया। मुख्यमंत्री ने सभी से अयोध्या की पवित्रता, सांस्कृतिक विरासत और विकास को सुरक्षित रखने का संकल्प लेने का आह्वान किया।
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