ODOP से मजबूत हो रही यूपी की स्थानीय अर्थव्यवस्था
(UTTARPRADESH, UTTARPRADESH) उत्तर प्रदेश में ‘एक जिला, एक उत्पाद’ (ODOP) योजना स्थानीय उद्योगों, कारीगरों और छोटे उद्यमियों की आर्थिक मजबूती का माध्यम बन रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में वर्ष 2018 में शुरू की गई इस योजना के तहत प्रदेश के पारंपरिक उत्पादों को बाजार और नई पहचान दिलाने के प्रयास किए जा रहे हैं। दीपावली के दौरान मिट्टी के दीये, टेराकोटा कलाकृतियां, हस्तशिल्प, पारंपरिक वस्त्र और सजावटी सामान की बढ़ती मांग से स्थानीय कारोबारियों को संबल मिल रहा है।

75 जिलों के पारंपरिक उत्पादों को मिली पहचान

ओडीओपी योजना के तहत प्रदेश के सभी 75 जिलों के विशिष्ट उत्पादों को चिह्नित कर उनके संरक्षण, प्रोत्साहन और विपणन पर काम किया जा रहा है। इनमें वाराणसी की बनारसी साड़ी, लखनऊ की चिकनकारी, कन्नौज का इत्र, मुरादाबाद के पीतल उत्पाद, भदोही की कालीन, फिरोजाबाद का कांच उद्योग, सहारनपुर की लकड़ी की नक्काशी और गोरखपुर की टेराकोटा कला शामिल हैं।

योजना के तहत वित्तीय सहायता, प्रशिक्षण, तकनीकी उन्नयन, आधुनिक पैकेजिंग, ब्रांडिंग और विपणन की सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। इससे पारंपरिक उत्पादों को बड़े बाजार तक पहुंचने का अवसर मिल रहा है।

दीपावली पर स्थानीय कारोबार को मिला बढ़ावा

लखनऊ में आयोजित माटी कला महोत्सव स्थानीय कारीगरों के लिए एक महत्वपूर्ण मंच बना है। डालीबाग स्थित खादी भवन परिसर में लगाए गए 40 से अधिक स्टॉल पर मिट्टी के दीये, लक्ष्मी-गणेश की प्रतिमाएं और सजावटी उत्पाद प्रदर्शित किए गए। यहां प्रदेशभर के कारीगर और उद्यमी अपने उत्पादों की बिक्री के साथ उनकी मार्केटिंग भी कर रहे हैं।

वहीं, यूपीआईटीएस-2025 में ओडीओपी के 466 स्टॉल के माध्यम से 20.77 करोड़ रुपये के बिजनेस लीड और डील प्राप्त हुईं। सोशल मीडिया और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म के जरिए भी स्थानीय उत्पादों का प्रचार और बिक्री बढ़ रही है।

3.5 लाख से अधिक रोजगार के अवसर सृजित

ओडीओपी मार्जिन मनी योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2018-19 से अब तक 21 हजार से अधिक लाभार्थियों को सहायता दी गई है। इस दौरान 8 हजार करोड़ रुपये से अधिक की मार्जिन मनी जारी हुई और 3.5 लाख से अधिक प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित हुए हैं।

उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, उत्तर प्रदेश का कुल निर्यात वर्ष 2017-18 के 88 हजार करोड़ रुपये से बढ़कर वर्ष 2025-26 में 2 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया।

पीएम और सीएम का 'वोकल फॉर लोकल' पर जोर

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लगातार स्वदेशी उत्पादों और स्थानीय उद्यमों को प्रोत्साहित करने के लिए 'वोकल फॉर लोकल' का संदेश दे रहे हैं। मुख्यमंत्री ने धनतेरस और धन्वंतरि जयंती पर प्रदेशवासियों से ओडीओपी उत्पादों को उपहार के रूप में चुनने और 'लोकल वाली दिवाली' मनाने की अपील की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ओडीओपी की एक खरीदारी किसी हुनरमंद परिवार के आंगन में स्वावलंबन और सम्मान का दीप जला सकती है। इस पहल के जरिए पारंपरिक कारीगरी को पहचान, छोटे उद्यमियों को बाजार और युवाओं को रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है।
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