राम की पैड़ी पर पर्यटकों को मिलेंगी नई सुविधाएं
(UTTARPRADESH, UTTARPRADESH) दीपोत्सव-2026 के लिए अयोध्या 30 लाख दीपों से जगमगाने को तैयार है। इस बीच सरयू नदी के किनारे स्थित राम की पैड़ी पर विकसित नई पर्यटन सुविधाएं भी पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बन रही हैं। योगी सरकार के प्रयासों से करीब 23.68 करोड़ रुपये की लागत से तैयार परियोजना के तहत यहां विजिटर गैलरी, सेल्फी प्वाइंट, दर्शक दीर्घा और ओपन एयर थिएटर जैसी सुविधाएं विकसित की गई हैं।

ओपन एयर थिएटर और म्यूरल वॉल बने आकर्षण

परियोजना के तहत राम की पैड़ी पर आकर्षक प्रवेश द्वार, सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए मंच और दर्शकों के बैठने के लिए दर्शक दीर्घा तैयार की गई है। इसके अलावा विजिटर गैलरी और सेल्फी प्वाइंट भी बनाए गए हैं। म्यूरल वॉल और पत्थर से बनी कलात्मक संरचनाएं परिसर की सुंदरता बढ़ा रही हैं।

पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि श्री अयोध्या जी तीर्थ विकास परिषद के तहत पर्यटन विभाग की इस परियोजना के फेज-2 में राम की पैड़ी का विकास किया गया है। इन सुविधाओं से पर्यटकों को परिसर को करीब से देखने और सांस्कृतिक गतिविधियों का आनंद लेने का अवसर मिलेगा।

स्टोन छतरियां और ज्योति दीप बढ़ाएंगे सुंदरता

राम की पैड़ी पर छह स्टोन छतरियों और छह स्टोन ज्योति दीपों का निर्माण कराया गया है। इसके साथ ही स्टोन स्तंभ, स्टोन प्लांटर और स्टोन जाली भी विकसित की गई हैं। परिसर में ग्रीन एरिया, दिशा सूचक, शिलालेख और प्रकाश व्यवस्था की सुविधाएं भी उपलब्ध कराई गई हैं।

पूरे साल पर्यटकों के लिए उपयोगी रहेगा परिसर

मंत्री जयवीर सिंह के अनुसार, सरयू तट पर विकसित ये सुविधाएं अयोध्या आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को बेहतर अनुभव देंगी। दीपोत्सव के दौरान यहां पर्यटकों की संख्या बढ़ने की संभावना को देखते हुए पर्यटन सुविधाओं का विकास महत्वपूर्ण है। यह परिसर दीपोत्सव के अलावा पूरे साल पर्यटकों के लिए उपयोगी रहेगा।

आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत से जुड़ेंगे पर्यटक

अपर मुख्य सचिव एवं महानिदेशक पर्यटन अमृत अभिजात ने बताया कि अयोध्या में पर्यटन विकास का उद्देश्य श्रद्धालुओं और पर्यटकों को सुविधाएं देने के साथ उन्हें आध्यात्मिक विरासत, सांस्कृतिक परंपराओं और सरयू तट के प्राकृतिक सौंदर्य से जोड़ना है।

उन्होंने कहा कि ओपन एयर थिएटर और दर्शक दीर्घा जैसे निर्माण सांस्कृतिक आयोजनों को नया मंच देंगे। वहीं, विकसित परिसर पर्यटकों को अयोध्या की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक पहचान से जुड़ा यादगार अनुभव प्रदान करेगा।
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