परियोजना पूरी होने के बाद श्रद्धालुओं को बेहतर सड़क के साथ शौचालय, वाटर कियोस्क, टिन शेड, बैठने की व्यवस्था और पर्याप्त प्रकाश जैसी सुविधाएं मिलेंगी। लोक निर्माण विभाग के खंड-3 की ओर से निर्माण कार्यों को अंतिम चरण तक पहुंचाने के साथ मार्ग को अधिक सुविधाजनक और व्यवस्थित बनाने पर जोर दिया जा रहा है।
14 कोसी परिक्रमा अयोध्या की प्राचीन धार्मिक परंपराओं का महत्वपूर्ण हिस्सा है। मान्यता के अनुसार, श्रद्धालु इस परिक्रमा के माध्यम से रामनगरी की धार्मिक सीमा की परिक्रमा करते हैं। राम मंदिर में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के बाद अयोध्या में श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए मार्ग का चौड़ीकरण आवागमन और परिक्रमा व्यवस्था के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
सड़क चौड़ीकरण के साथ विकसित होंगी सुविधाएं
परिक्रमा मार्ग के विभिन्न हिस्सों में सड़क चौड़ीकरण के साथ श्रद्धालुओं के लिए जरूरी सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। मोदहा के पास फोरलेन रेलवे ओवरब्रिज का निर्माण पहले ही पूरा हो चुका है। अब दीपावली और दीपोत्सव से पहले मार्ग के शेष कार्यों को पूरा करने पर जोर दिया जा रहा है। शौचालय, पानी, बैठने और छाया की व्यवस्था से परिक्रमा के दौरान श्रद्धालुओं को राहत मिलने की उम्मीद है।
पीली रेलिंग और आकर्षक रोशनी से सजेगा मार्ग
परियोजना के तहत डिवाइडर पर पीले रंग की रेलिंग लगाई जा रही है। मार्ग के बीच विभिन्न स्थानों पर पौधारोपण के साथ ट्री गार्ड भी लगाए गए हैं। रात में रोशनी के लिए भगवान श्रीराम की स्मृति से जुड़ी आकर्षक लाइटें लगाई जा रही हैं। अचारी सगरा के पास भी प्रकाश व्यवस्था शुरू हो गई है। इन कार्यों से परिक्रमा मार्ग को अधिक व्यवस्थित और आकर्षक बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता सत्य पाल सिंह के अनुसार, श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए बैठने की व्यवस्था, पर्याप्त प्रकाश और स्वच्छता संबंधी सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि उद्देश्य श्रद्धालुओं को परिक्रमा पूरी करने के दौरान होने वाली असुविधाओं को कम करना है।
धार्मिक परंपरा और पर्यटन को मिलेगा सहारा
अयोध्या में धार्मिक आयोजनों के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। ऐसे में 14 कोसी परिक्रमा मार्ग का चौड़ीकरण और सुविधाओं का विकास आवागमन को सुगम बनाने में मदद कर सकता है। बेहतर सड़क, प्रकाश, स्वच्छता और बैठने की व्यवस्था से परिक्रमा करने वाले श्रद्धालुओं को सुविधा मिलने की उम्मीद है। परियोजना का नया स्वरूप अयोध्या की धार्मिक परंपरा के साथ पर्यटन सुविधाओं के विस्तार में भी सहायक हो सकता है।
Author: JAN TV Editorial Team
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