लखनऊ के फैजुल्लागंज में बाढ़ से 50 हजार लोग प्रभावित, राहत कार्यों का मंत्री सुरेश खन्ना ने लिया जायजा
(UTTARPRADESH, UTTARPRADESH) लखनऊ के फैजुल्लागंज में गोमती नदी का जलस्तर बढ़ने से करीब 50 हजार लोग और 6500 घर प्रभावित हुए हैं। बाढ़ प्रभावित परिवारों तक राहत पहुंचाने और जनजीवन सामान्य बनाने के लिए प्रशासन लगातार काम कर रहा है। शुक्रवार को प्रदेश के वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री और लखनऊ के प्रभारी मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने प्रभावित क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण कर राहत एवं बचाव कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को प्रभावित परिवारों तक राहत सामग्री, स्वच्छ पेयजल और जरूरी सुविधाएं पहुंचाने के निर्देश दिए।

6500 घर और करीब 50 हजार लोग प्रभावित

निरीक्षण के दौरान नगर आयुक्त गौरव कुमार ने बताया कि गोमती नदी का जलस्तर बढ़ने से फैजुल्लागंज में करीब आठ किलोमीटर का क्षेत्र प्रभावित हुआ है। यहां लगभग 6500 घरों और करीब 50 हजार लोगों पर बाढ़ का असर पड़ा है।

नगर निगम और प्रशासन की टीमें प्रभावित परिवारों को राहत पहुंचाने में जुटी हैं। अस्थायी आश्रय स्थलों, पेयजल आपूर्ति, खाद्य सामग्री वितरण, सफाई और स्वास्थ्य सुरक्षा से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता दी जा रही है।

प्रभारी मंत्री ने नगर निगम के कंट्रोल रूम पहुंचकर प्रभावित इलाकों की निगरानी, शिकायतों के निस्तारण और राहत कार्यों की प्रगति की जानकारी भी ली। उन्होंने कहा कि आपदा के समय प्रभावित परिवारों की सहायता करना शासन-प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है।

पेयजल और स्वास्थ्य सुरक्षा पर जोर

मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने प्रभावित क्षेत्रों में नियमित रूप से पानी के टैंकर भेजने और लोगों को फिलहाल समर्सिबल पंप का इस्तेमाल नहीं करने की सलाह देने के निर्देश दिए। इसका उद्देश्य दूषित पानी से होने वाली बीमारियों के खतरे को कम करना है।

उन्होंने जलभराव से प्रभावित घरों के सेप्टिक टैंकों की स्थिति का आकलन करने और जरूरत के अनुसार सक्शन मशीनों से सफाई कराने को कहा। इसके साथ ही नालियों की सफाई, कीटनाशक छिड़काव, फॉगिंग और एंटी लार्वा अभियान चलाने के निर्देश दिए गए। जरूरत पड़ने पर ड्रोन से छिड़काव कराने की व्यवस्था भी करने को कहा गया।

सभी उपलब्ध टैंकर और मोबाइल टॉयलेट लगाने के निर्देश

महापौर सुषमा खर्कवाल ने नगर आयुक्त को निर्देश दिए कि नगर निगम के सभी उपलब्ध जल टैंकर और मोबाइल टॉयलेट प्रभावित क्षेत्रों में लगाए जाएं। इससे लोगों को पेयजल और स्वच्छता संबंधी परेशानियों से राहत देने में मदद मिलेगी।

उन्होंने कहा कि जलनिकासी के साथ घरों, गलियों और सार्वजनिक स्थलों की सफाई तथा सैनिटाइजेशन पर भी विशेष ध्यान दिया जाए। प्रभारी मंत्री ने प्रभावित बस्तियों में आवागमन के लिए चलने योग्य रास्ते तैयार करने और भविष्य में जलभराव कम करने के लिए इंटरलॉकिंग सड़कों सहित जरूरी बुनियादी सुविधाओं की योजना बनाने के निर्देश भी दिए।

पानी निकलने के बाद भी 10 से 12 दिन चलेगा अभियान

प्रभारी मंत्री के अनुसार, प्रभावित क्षेत्रों से पानी पूरी तरह निकलने में करीब एक सप्ताह लगने का अनुमान है। जलनिकासी के बाद भी अगले 10 से 12 दिनों तक सफाई, कीटनाशक छिड़काव और सैनिटाइजेशन अभियान चलाया जाएगा।

इसका उद्देश्य संक्रमण के खतरे को कम करना और प्रभावित इलाकों में जनजीवन को सामान्य बनाने में मदद करना है। मंत्री ने राहत कार्यों में सहयोग कर रही स्वयंसेवी संस्थाओं और सामाजिक संगठनों के प्रयासों की भी सराहना की।

फैजुल्लागंज में बाढ़ से बचाव के स्थायी समाधान पर जोर

फैजुल्लागंज में बार-बार होने वाली जलभराव की समस्या से निपटने के लिए स्थायी समाधान तलाशने पर भी जोर दिया गया है। प्रभारी मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने नदी किनारे बंधा बनाने सहित अन्य सुरक्षात्मक उपायों की संभावनाओं का आकलन करने के निर्देश दिए।

उन्होंने संबंधित अधिकारियों से आवश्यक प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजने को कहा। इसके साथ ही राहत एवं पुनर्वास कार्यों की लगातार निगरानी करने और प्रभावित परिवारों की जरूरतों को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए हैं।

मुख्यमंत्री और रक्षामंत्री ने भी लिया संज्ञान

प्रभारी मंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण कर राहत एवं बचाव कार्यों के संबंध में जरूरी दिशा-निर्देश दिए हैं। वहीं, रक्षा मंत्री और लखनऊ के सांसद राजनाथ सिंह ने भी प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचकर लोगों का हाल जाना और राहत कार्यों का जायजा लिया।

प्रशासन का कहना है कि स्थिति सामान्य होने तक राहत एवं पुनर्वास कार्य जारी रहेंगे। सरकार और नगर निगम की टीमें पेयजल, खाद्य सामग्री, सफाई, स्वास्थ्य सुरक्षा और आवागमन की व्यवस्था बेहतर बनाने में जुटी हैं।

Author: Prashant Kumar Singh

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