राज्य में रोडवेज के निजीकरण का कोई इरादा नहीं है। सार्वजनिक निर्माण मंत्री युनूस खान ने विधानसभा में ये आश्वस्त किया। साथ ही कहा कि सबकी राय के बाद ही नई योजना लागू करने पर विचार किया जायेगा। खान ने शून्यकाल में इस संबंध में उठाये गये मुद्दे पर जबाव देते हुए इस बात की जानकारी दी और कहा कि रोडवेज के बंद करने के संबंध में जो भ्रांति फैलायी जा रही है वो पूरी तरह मिथ्या है। उन्होंने कहा कि सरकार निजी और रोडवेज बसों के परिमिटों की समीक्षा करेगी और नगर निकाय, पंचायत और रोडवेज के बसस्टेंडों को ऑथिरिटी के माध्यम से रेगुलेट किया जायेगा। खान ने स्पष्ट किया कि रोडवेज के लगभग 21 हजार 500 कर्मचारियों की सेवाओं पर विपरीत असर नहीं होगा। कर्मचारियों को चिंता की जरूरत नहीं है। राज्य सरकार मध्यप्रदेश, पंजाब और तमिलनाडु राज्यों का अध्ययन कर वहां के मॉडल का परीक्षण करेंगे। उसके बाद ही लागू किया जाएगा।
Author: JAN TV Editorial Team
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