(Amber, Jaipur)
सहकारिता राज्य मंत्री अजय सिंह किलक ने जोर देकर कहा है कि सहकारी संस्थाओं में संचालन की स्वायत्तता के साथ ही वित्तीय अनुशासन जरूरी है। उन्होंने सहकारी आंदोलन की मजबूती के लिए राजनीति से उपर उठकर काम करने की जरूरत जताई है। किलक ने शनिवार को नेहरू सहकार भवन में आयोजित राज्य सहकारी भूमि विकास बैंक की वार्षिक साधारण सभा के मौके पर पुरस्कार वितरण समारोह को संबोधित करते हुए कही। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्राथमिक सहकारी भूमि विकास बैंकों का किसी अन्य बैंकों में विलय का कोई प्रस्ताव राज्य सरकार के स्तर पर विचाराधीन नहीं है। किलक ने बताया कि राज्य सरकार ने किसानों के हित में बडा फैसला करते हए दीर्घकालीन कृषि ऋणों के ब्याज पर 5 प्रतिशत अनुदान देने का निर्णय किया है। किलक ने कहा कि इससे सहकारी भूमि विकास बैंकों, केन्द्रीय सहकारी बैंको और अन्य बैंकों से ऋण लेकर समय पर चुकाने वाले काश्तकारों को सीधा लाभ मिलेगा। सहकारिता राज्य मंत्री ने कहा कि 2008-09 में 8 भूमि विकास बैंक घाटे में थे जो बढ़कर 19 हो गए हैं। इसी तरह से इन बैंकों के एनपीए में भी चिन्ताजनक बढोतरी हुई है। उन्होंने कहा कि प्राथमिक सहकारी भूमि विकास बैंकों के ऋण व्यवसाय में बढ़ोतरी ऋणों की समय पर वसूली एनपीए स्तर में कमी लाने और इन बैंकों की वित्तीय स्थिति में सुधार के पूरे प्रयास करने होंगे।
Author: JAN TV Editorial Team
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