(Amber, Jaipur)
एंटी करप्शन ब्यूरो के हत्थे चढ़े घूसखोर एक्सईऍन पुरुषोत्तम जैसवानी को अदालत में पेश किया गया। जहां उसको 14 अगस्त तक पुलिस रिमांड पर सौंप दिया गया। जैसवानी को एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम कड़ी सुरक्षा के बीच भारी दल-बल के साथ लेकर अदालत पहुंची। यहाँ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम क्रम संख्या एक जज के समक्ष जैसवानी को पेश किया गया। ब्यूरो ने इस प्रकरण में कई और खुलासे की संभावना जताते हुए जैसवानी की पांच दिन की रिमांड मांगी। ब्यूरो की अनुशंसा के बाद अदालत ने जैसवानी को 14 अगस्त तक पुलिस रिमांड पर देने के निर्देश दिए। एसीबी के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक बजरंग सिंह शेखावत ने बताया कि आरोपी एक्सईऍन से अभी और कई सनसनीखेज़ खुलासे होने बाकी हैं। जांच को आगे बढाने के लिए एसीबी ने जैसवानी को रिमांड पर लिया है। अब तक की पूछताछ में आरोपी के 17 बैंक खाते और एक लॉकर की चाबी एसीबी के हाथ लगी है। जयपुर नगर निगम में एक्सईएन के पद पर तैनात पुरुषोत्तम जैसवानी को एसीबी टीम ने 15 लाख रूपए की भारी भरकम नकद राशि और टेंडरों से जुडी 46 फाईलों के साथ गिरफ्त में लिया था। एसीबी ट्रैप की इस बड़ी कार्यवाई को नगर निगम सीईओ एलसी असवाल के घर के ठीक बाहर अंजाम दिया गया था। एसीबी अधिकारियों साफ़ किया है कि आरोपी के बयानों के आधार पर एफआईआर में निगम सीईओ एल सी असवाल का भी नाम जोड़ा गया है। अधिकारियों ने ज़रुरत पड़ने पर जल्द ही असवाल से भी पूछताछ से इनकार नहीं किया है। जयपुर नगर निगम के एक्सईएन पुरुषोत्तम जेसवानी को 15 लाख रुपए और टेंडर संबंधित 46 फाइलों के साथ गिरफ्तार करने के बाद एसीबी ने सोमवार को नगर निगम के कर्मचारियों से पूछताछ की है। इस दौरान एसीबी ने निगम की केस शाखा में पडी सैकडों फाइलों को खंगाला और संबंधित कर्मचारियों से पूछताछ भी की। हालाकी एसीबी टीम पहुचने से पहले नगर निगम सीईओं निगम मुख्यालय से निकल गए। रविवार को एसीबी की टीम ने नगर निगम के एक्सईएन पुरूषोत्म जेसवानी को 15 लाख रूपए के साथ निगम सीईओ लालचंद असवाल के घर के पास से रंगे हाथों गिरफ्तार किया था। एसीबी की पूछताछ में जेसवानी ने कमीशन का पैसा सीईओ असवाल तक पहुचाने की बात कही थी।
Author: JAN TV Editorial Team
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