(India)
यह करीब दो सप्ताह में सेंसेक्स का सबसे निचला स्तर है। अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने वादा किया है कि वह सीरिया व इराक में आतंकवादियों को नेस्तनाबूद कर देंगे। ये दोनों ही तेल उत्पादक देश हैं। ऐसे में फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी की आंशका बढ़ी है, जिसके असर से यहां बाजार में गिरावट आई। सनफार्मा, ओएनजीसी तथा कोल इंडिया जैसी बड़ी कंपनियों के शेयरों में भारी बिकवाली से सेंसेक्स में भी नुकसान दर्ज हुआ। बंबई शेयर बाजार का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स दिन के उच्चस्तर 27,150.78 अंक तक गया। बाद में मुनाफा वसूली उभरने से यह नीचे आया और अंत में 61.54 अंक या 0.23 प्रतिशत के नुकसान से 26,995.87 अंक पर बंद हुआ। यह 1 सितंबर के बाद सेंसेक्स का सबसे निचला स्तर है। उस दिन सेंसेक्स 26,867.55 अंक पर बंद हुआ था। पिछले तीन सत्रों में सेंसेक्स 324 अंक टूट चुका है। इसी तरह नेशनल स्टाक एक्सचेंज का निफ्टी 8.40 अंक या 0.10 प्रतिशत के नुकसान से 8,085.70 अंक पर बंद हुआ। यह 2 सितंबर के बाद निफ्टी का सबसे निचला स्तर है। उस दिन निफ्टी 8,083.05 अंक पर बंद हुआ था। कारोबार के दौरान निफ्टी 8,057.30 से 8,127.95 अंक के दायरे में रहा। ब्रोकरों ने कहा कि अमेरिका में रोजगार के आंकड़ों से पहले एशियाई और यूरोपीय बाजारों के कमजोर रूख से यह धारणा प्रभावित हुई। सनफार्मा का शेयर 4.3 प्रतिशत लुढ़क गया। कंपनी के गुजरात के हलोल संयंत्र का अमेरिकी दवा प्रशासन द्वारा औचक निरीक्षण की खबरों से कंपनी के शेयर में गिरावट आई।
Author: JAN TV Editorial Team
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