बाजार में गिरावट की प्रमुख वजह शेयर बाजार में लागू किए गए नए क्लोजिंग ऑक्शन सेशन (CAS) को माना जा रहा है। सोमवार से शुरू हुई इस व्यवस्था के तहत फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस (F&O) वाले शेयरों के क्लोजिंग प्राइस का निर्धारण ऑक्शन के जरिए किया जा रहा है, जिससे शुरुआती दिनों में बाजार में उतार-चढ़ाव देखने को मिला।
बाजार विशेषज्ञ शरद कोहली के मुताबिक, नया CAS सिस्टम लागू होने के बाद बाजार अभी खुद को नए ढांचे के अनुसार ढाल रहा है। इसके अलावा एलआईसी के ऑफर फॉर सेल (OFS) और ब्रेंट क्रूड की कीमतों में करीब 2.5% की बढ़ोतरी ने भी निवेशकों की धारणा पर दबाव डाला।
सेंसेक्स में हिंदुस्तान यूनिलीवर, एनटीपीसी, एचडीएफसी बैंक, रिलायंस इंडस्ट्रीज, इंटरग्लोब एविएशन और टेक महिंद्रा के शेयरों में गिरावट रही, जबकि ट्रेंट, बजाज फाइनेंस, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स और टाटा स्टील बढ़त के साथ बंद हुए।
विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने सोमवार को 922.26 करोड़ रुपये के शेयरों की शुद्ध खरीदारी की। एशियाई बाजारों में जापान, दक्षिण कोरिया और शंघाई बढ़त के साथ बंद हुए, जबकि हांगकांग का बाजार कमजोर रहा। यूरोपीय बाजारों में अधिकांश सूचकांक बढ़त पर कारोबार करते दिखे।
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