कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव ने निवेशकों की धारणा पर असर डाला। वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड 0.17 प्रतिशत बढ़कर 91.02 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया।
सेंसेक्स के इन शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट
सेंसेक्स में शामिल शेयरों में एशियन पेंट्स, इंफोसिस, HCL टेक, भारती एयरटेल और टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज सबसे ज्यादा गिरावट वाले शेयरों में रहे।
वहीं एक्सिस बैंक, पावर ग्रिड कॉर्पोरेशन, महिंद्रा एंड महिंद्रा, बजाज फाइनेंस और लार्सन एंड टुब्रो के शेयरों में बढ़त देखने को मिली।
महंगे कच्चे तेल से बढ़ी बाजार की चिंता
बाजार विशेषज्ञ पुरातन भारती के मुताबिक, होर्मुज जलडमरूमध्य में बढ़ते तनाव का असर कच्चे तेल की कीमतों पर साफ दिखाई दे रहा है। कच्चा तेल 90 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच चुका है, जिससे महंगाई को लेकर चिंता बढ़ी है।
उन्होंने बताया कि भू-राजनीतिक घटनाक्रमों का असर खासतौर पर IT सेक्टर पर पड़ता है। मंगलवार को IT और बैंकिंग शेयरों में दबाव देखने को मिला।
ज्यादातर सेक्टरों में रही सुस्ती
सेक्टोरल स्तर पर ऑटो और हेल्थकेयर को छोड़कर IT, बैंक, रियल्टी, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, पावर और FMCG समेत ज्यादातर सेक्टरों के सूचकांक गिरावट में रहे।
एशियाई बाजारों में जापान का निक्केई और दक्षिण कोरिया का कोस्पी गिरावट के साथ बंद हुए। वहीं चीन का शंघाई कंपोजिट और हॉन्गकॉन्ग का हैंग सेंग मामूली बढ़त में रहे।
यूरोपीय बाजारों में मंगलवार को मिला-जुला रुख देखने को मिला। इससे पहले अमेरिकी बाजार सोमवार को गिरावट के साथ बंद हुए थे।
FII ने बेचे 2,535 करोड़ रुपये से ज्यादा के शेयर
विदेशी संस्थागत निवेशक सोमवार को भारतीय शेयर बाजार में शुद्ध विक्रेता रहे। उन्होंने 2,535 करोड़ रुपये से ज्यादा के शेयर बेचे।
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