30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स करीब 493 अंक टूटकर 77,235 के स्तर पर बंद हुआ, जबकि 50 शेयरों वाला एनएसई निफ्टी 132 अंक से ज्यादा गिरकर 24,155 पर आ गया। सेंसेक्स में शामिल शेयरों में एशियन पेंट्स, इंफोसिस, एचसीएल टेक, भारती एयरटेल और टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज में सबसे ज्यादा गिरावट देखने को मिली। वहीं, एक्सिस बैंक, पावर ग्रिड कॉर्पोरेशन, महिंद्रा एंड महिंद्रा, बजाज फाइनेंस और लार्सन एंड टुब्रो के शेयरों में बढ़त दर्ज की गई।
बाजार के जानकार पुरातन भारती के मुताबिक, होर्मुज जलडमरूमध्य में बढ़ते तनाव का सीधा असर कच्चे तेल की कीमतों पर दिखाई दे रहा है। कच्चा तेल 90 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया है और इसका असर बाजार की धारणा पर पड़ा है। उन्होंने कहा कि भू-राजनीतिक घटनाक्रमों के प्रति IT सेक्टर के शेयर काफी संवेदनशील होते हैं और मंगलवार को IT तथा बैंकिंग सेक्टर के शेयरों में दबाव देखने को मिला।
क्षेत्रीय स्तर पर ऑटो और हेल्थकेयर शेयरों को छोड़कर IT, बैंक, रियल्टी, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, पावर और FMCG शेयरों की अगुवाई में ज्यादातर सूचकांकों में कमजोरी रही।
एशियाई बाजारों में जापान का निक्केई और दक्षिण कोरिया का कोस्पी गिरावट के साथ बंद हुए, जबकि चीन का शंघाई कंपोजिट और हॉन्गकॉन्ग का हैंग सेंग मामूली बढ़त के साथ बंद हुए। यूरोपीय बाजारों में मंगलवार को मिला-जुला रुख देखने को मिला। इससे पहले अमेरिकी बाजार सोमवार को गिरावट के साथ बंद हुए थे।
विदेशी संस्थागत निवेशक भी सोमवार को भारतीय बाजार में शुद्ध विक्रेता रहे। उन्होंने 2,535 करोड़ रुपये से ज्यादा के शेयरों की बिक्री की।
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