शेयर बाजार में आ सकती है आईपीओ की बाढ़
(India)
शेयर बाजार में एक साल के भीतर 2 लाख करोड़ से भी ज्यादा के आईपीओ आ सकते हैं। सरकार अपनी कंपनियों में हिस्सेदारी कम करने की तैयारी में है, जबकि प्राइवेट कंपनियों का इरादा नई पूंजी जुटाने का है। हालांकि, आशंका इस बात को लेकर है कि क्या मार्केट फॉरेन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टमेंट में सुस्ती के बीच इस लेवल पर शेयरों की बिक्री कर पाएगा। बहरहाल, बैंकर्स को इशू की सफलता का पूरा भरोसा है। अगले 12 महीनों में स्टेक सेल में सबसे बड़ी हिस्सेदारी सरकार की होगी। विनिवेश टारगेट को पूरा करने के लिए सरकार 45,000 करोड़ रुपये के शेयरों की बिक्री कर सकती है। इसके अलावा, बाल्को और हिंदुस्तान जिंक के शेयरों की संभावित बिक्री से 20,000 करोड़ और एसयूयूटीआई से 10,000 करोड़ रुपये हासिल होने की संभावना है। सरकारी और प्राइवेट बैंक तकरीबन 40,000 करोड़ रुपये जुटा सकते हैं, जबकि कई कंपनियां की इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स के जरिये 50,000 करोड़ रुपये जुटाने की योजना है।

Author: JAN TV Editorial Team

DISCLAIMER: इस वेबसाइट पर दी गई जानकारी केवल सामान्य एवं शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए है। हमने जानकारी को सटीक रखने का प्रयास किया है, लेकिन इसकी पूर्णता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं दी जाती। तृतीय-पक्ष वेबसाइटों या स्रोतों की सामग्री पर हमारा नियंत्रण नहीं है। इस जानकारी के आधार पर लिया गया कोई भी निर्णय आपके अपने विवेक और जोखिम पर होगा।