ओजोन परत के क्षरण में हो रहा है सुधार: यूएन रिपोर्ट
(India) इसका कारण समन्वित अंतरराष्ट्रीय कदम है जिसके कारण इसमें सुधार जारी है। संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम तथा विश्व मौसम संगठन ने एक रिपोर्ट में यह बात कही। ओजोन परत गैस का एक नाजुक कवच है जो पृथ्वी की सूर्य से निकलने वाली पराबैंगनी किरणों से रक्षा करता है। दुनिया भर के 300 वैज्ञानिकों द्वारा किए गए ओजोन क्षरण का वैज्ञानिक आकलन, 2014 के अनुसार मांट्रियल प्रोटोकाल के तहत ओजोन परत को नुकसान पहुंचाने वाले तत्वों को लेकर जो कदम उठाये गये, उससे ओजोन परत 1980 के स्तर पर आ सकता है। रिपोर्ट के अनुसार वातावरण में क्लोरोफ्लोरोकार्बन तथा हैलोन जैसे गैसों की उपलब्धता कम हुई है। इन गैसों का उपयोग रेफ्रिजरेटरों, स्प्रे कैन आदि में होता था। इसमें कहा गया है कि 1980 के दशक तथा 1990 की शुरूआत में ओजोन परत में क्षरण पाया गया। यह 2000 से सापेक्षिक रूप से स्थिर था लेकिन हाल के अध्ययन से इसमें सुधार के संकेत हैं।

Digital Desk: Shiv Kishor

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