(India)
बर्न में शोधकर्ताओं ने ‘67पी..चुरयुमोव-जेरासिमेंको’ धूमकेतु की गंध की पहचान की है। ‘मेट्रो डॉट को डॉट यूके’ के अनुसार शोधकर्ताओं ने इस अध्ययन के लिए यूरोपीय अंतरिक्षयान रोसेता के साथ गए एक उपकरण का इस्तेमाल किया। यह यान आगामी 12 नवंबर को धूमकेतू की बर्फीली सतह पर लैंडर को छोड़ने की तैयारी में है। बर्न विश्वविद्यालय के इस प्रोजेक्ट की अगुवाई करने वाली कैथरीन अल्तवेग ने कहा कि जैसे ही 67पी सूर्य के नजदीक पहुंचेगा उसकी गंध और भी बढ़ जाएगी।
Digital Desk: Shiv Kishor
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