जामिया मिल्लिया इस्लामिया ने पिछले साल दिसंबर में कुलपति को लिखे गए एक पत्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ अभद्र टिप्पणी करने वाले एक प्रोफेसर को उनकी सेवानिवृत्ति से महज एक हफ्ते पहले कारण बताओ नोटिस जारी किया है। मोहम्मद सुल्तान भट्ट वार्षिक दीक्षांत समारोह के लिए मोदी को आमंत्रित किए जाने के खिलाफ थे और उन्होंने पिछले साल दिसंबर में इस बाबत जामिया शिक्षक संघ के फैसले से अवगत कराने के लिए कुलपति को पत्र लिखा था। बहरहाल, भट्ट को पत्र लिखने के तीन महीने बाद और सेवानिवति से आठ दिन पहले नोटिस मिला। वह 31 मार्च को सेवानिवत हो गए। जामिया के रजिस्ट्रार शाहिद अशरफ की ओर से भेजे गए नोटिस में भट्ट पर आरोप लगाया गया कि उन्होंने जामिया शिक्षक संघ की विस्तारित कार्यकारी परिषद की बैठक बुलाई और प्रधानमंत्री के खिलाफ अभद्र टिप्पणी की । नोटिस में कहा, आपको स्पष्टीकरण देना होगा कि ऐसे दुर्व्यवहार के लिए आपके खिलाफ अनुशासनिक कार्रवाई क्यों न शुरू की जाए जिससे विश्वविद्यालय के हित, प्रतिष्ठा एवं इसके धर्मनिरपेक्ष छवि को नुकसान पहुंचा। भट्ट ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा कि मुझे नहीं पता कि विश्वविद्यालय तीन महीने बाद क्यों जागा । मेरी सेवानिवति से पहले यह जानबूझकर किया गया । जामिया के प्रवक्ता मुकेश रंजन ने कहा, हमें उनका जवाब मिल गया है और मामला बंद किया जा चुका है। बहरहाल, प्रोफेसर ने कहा कि उनके पास मामला बंद होने के बारे में कोई सूचना नहीं है ।
Author: JAN TV Editorial Team
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