जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) कैंपस में 9 फरवरी को आतंकी अफजल गुरु की बरसी पर आयोजित कार्यक्रम के मामले की जांच के लिए बनी उच्चस्तरीय कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर आरोपी छात्रों की सजा पर अभी तक कोई निर्णय नहीं हुआ है। विश्वविद्यालय की ओर से उन खबरों को गलत बताया गया है जिनमें उमर खालिद और अनिर्बान भट्टाचार्य को निष्कासित और कन्हैया कुमार पर जुर्माना लगाने की बात कही गई है। विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार डॉ. प्रमोद कुमार ने बताया कि यह खबर बिल्कुल गलत है कि विश्वविद्यालय ने आरोपी विद्यार्थियों की अंतिम सजा पर कोई फैसला ले लिया है। उन्होंने इन खबरों को अफवाह करार देते हुए कहा कि ऐसी खबर विश्वविद्यालय की छवि को धूमिल करने के लिए चलाया जा रहा है। डॉ. कुमार ने कहा कि विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर एम. जगदीश कुमार और चीफ प्रॉक्टर प्रो. एपी डिमरी दिल्ली में ही नहीं हैं। इस संबंध में किसी भी अंतिम निर्णय पर इन अधिकारियों के दिल्ली वापस लौटने के बाद ही कोई फैसला होगाविश्वविद्यालय के सूत्रों के मुताबिक कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर सजा के ऐलान से पहले कानून विशेषज्ञों की राय भी ली गई है।
Author: JAN TV Editorial Team
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