जेएनयू विद्यार्थियों ने विश्वविद्यालय आम सभा की बैठक में प्रस्ताव पास किया है कि छात्र संघ चुनाव में लिंगदोह कमेटी की सिफारिशों को नहीं मानेंगे, बल्कि आगे से चुनाव जेएनयू के संविधान के हिसाब से होंगे। जेएनयू छात्र संघ की उपाध्यक्ष शेहला राशिद ने बताया कि मंगलवार रात को आम सभा की बैठक में यह तय किया गया है कि जेएनयू छात्र संघ के चुनाव अब लिंगदोह कमेटी की सिफारिश के मुताबिक नहीं बल्कि विश्वविद्यालय संविधान के मुताबिक होंगे। उन्होंने बताया कि इस कमेटी की सिफारिशों में कई मनमानी धाराएं हैं, जिनका हम पहले से ही विरोध करते रहे हैं। हालांकि अब हमने निर्णय लिया है कि हम इसका बहिष्कार करेंगे। गौरतलब है कि छात्र संघ चुनाव में धनबल और बाहुबल के इस्तेमाल को रोकने के लिए लिंगदोह कमेटी ने अपनी सिफारिशें दी थीं। सिफारिश लागू होने के बाद से जेएनयू छात्र संघ चुनाव 4 वर्ष तक नहीं हुआ था और वर्ष 2012 में फिर से चुनाव शुरू हुए थे। वर्ष 2006 में सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर लिंगदोह कमेटी की सिफारिशों के हिसाब से छात्र संघ चुनाव शुरू हुए थे। जेएनयू में छात्र संघ चुनाव की पूरी प्रक्रिया का संचालन छात्र ही करते हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन का इसमें कोई हस्तक्षेप नहीं होता है।
Author: JAN TV Editorial Team
DISCLAIMER: इस वेबसाइट पर दी गई जानकारी केवल सामान्य एवं शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए है। हमने जानकारी को सटीक रखने का प्रयास किया है, लेकिन इसकी पूर्णता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं दी जाती। तृतीय-पक्ष वेबसाइटों या स्रोतों की सामग्री पर हमारा नियंत्रण नहीं है। इस जानकारी के आधार पर लिया गया कोई भी निर्णय आपके अपने विवेक और जोखिम पर होगा।