दिल्ली सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में अर्जी दाखिल कर मांग की थी कि अधिकारों को लेकर जुडे मामलों में दिल्ली हाईकोर्ट में सुनवाई चल रही है लेकिन, दिल्ली हाईकोर्ट में बड़ी बेंच का गठन हो जो पहले सुनवाई कर ये तय करे कि दोनों के अधिकार क्या-क्या हैं। अधिकारों से जुड़े विशिष्ट विषयों पर अलग से सुनवाई हो। गौरतलब है कि अधिकारों को लेकर करीब आठ मामले दिल्ली हाईकोर्ट में सुनवाई चल रही है। याचिका में ये कहा गया था की दिल्ली हाई कोर्ट के कई विरोधाभासी फैसले हैं जिनकी वजह से अधिकारों पर स्पष्टता नहीं है। पिछले दिनों मुख्यमंत्री और उपराज्यपाल के अधिकारों को लेकर काफी विवाद रहा है। कई मामलों में दोनों आमने-सामने खड़े दिखे और उपराज्यपाल ने दिल्ली सरकार के निर्णय को खारिज भी किया था। दिल्ली सरकार ऐसे आठ मामलों को लेकर हाई कोर्ट पहुंची थी। हाई कोर्ट ने 5 अप्रैल के आदेश में दिल्ली सरकार की उस अर्जी पर प्रारंभिक सुनवाई करने से भी इनकार कर दिया था, जिसमें दिल्ली सरकार और उपराज्यपाल के अधिकारों का मामला हाई कोर्ट की बड़ी पीठ को भेजे जाने का आग्रह किया गया था।
Author: JAN TV Editorial Team
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